हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, अब 9,000 रुपये तक कमाने वाले आश्रितों को भी मिलेगा मेडिकल खर्च का लाभ

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Haryana Government Medical Reimbursement Scheme: हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए मेडिकल रीइम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब 9,000 रुपये तक मासिक आय वाले आश्रित भी सरकारी मेडिकल रीइम्बर्समेंट योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 3,500 रुपये प्रति माह थी, जो वर्ष 2007 से लागू थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी। यह फैसला राज्य बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तहत लागू किया गया है। सरकार के इस निर्णय से करीब 4.5 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

नई व्यवस्था के तहत आश्रित माता-पिता, बच्चे, विधिक रूप से गोद लिए गए बच्चे, विधवा बेटियां और आश्रित बहनें मेडिकल रीइम्बर्समेंट योजना के दायरे में आएंगे, बशर्ते उनकी मासिक आय 9,000 रुपये या उससे कम हो।

2007 के बाद पहली बार बदला नियम

सरकार ने वर्ष 2007 में तय की गई 3,500 रुपये की आय सीमा को अब बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह फैसला 26 जून 2026 को वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद लिया गया।

कितने लोगों को मिलेगा लाभ?

हरियाणा में विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में करीब 2.7 से 2.85 लाख नियमित सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं, राज्य के ई-पेंशन पोर्टल पर 1,74,470 पेंशनभोगी पंजीकृत हैं, जिनमें 1,27,465 पेंशनर और 47,005 फैमिली पेंशनर शामिल हैं। हालांकि, संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों को यह सुविधा सामान्यतः नहीं मिलेगी।

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कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत

हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (HSLA) के अध्यक्ष सतपाल सिंधु ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2007 से लागू 3,500 रुपये की आय सीमा वर्तमान समय में पूरी तरह अव्यावहारिक हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र (PPP) और स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में वृद्धावस्था पेंशन की जानकारी दर्ज होने के कारण कई कर्मचारी अपने बुजुर्ग माता-पिता के मेडिकल बिल का रीइम्बर्समेंट नहीं ले पा रहे थे। वहीं, कई पेंशनरों के बेरोजगार या कम आय वाले बच्चों को भी पुराने नियमों के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पाता था।

सभी विभागों को भेजे गए आदेश

सरकार ने संशोधित आदेश सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, महालेखाकार और संबंधित अधिकारियों को भेज दिए हैं, ताकि नए नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जा सके।

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