बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ से पहले आम आदमी के सामने 3 बड़े सवाल

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BJP Nasha Mukat Yatra Punjab: पंजाब में 18 सितंबर से बीजेपी द्वारा ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू करने की घोषणा के मद्देनजर राज्य की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के अभियान पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की भूमिका से संबंधित तीन मुद्दे उठाए हैं। बीजेपी ने 18 से 30 सितंबर तक चार यात्राएं निकालने की योजना बनाई है।

गुजरात और राजस्थान से जुड़े नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए क्या कार्रवाई हुई

चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीजेपी  से पूछा कि गुजरात और राजस्थान से जुड़े नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों के मुद्दे पर यात्रा निकालने से पहले, बीजेपी को उन राज्यों से संबंधित सवालों के जवाब देने चाहिए जहां उसकी सरकार है। ये बयान चीमा के राजनीतिक दावे हैं।

पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर दूसरा सवाल उठाया

चीमा ने पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर दूसरा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगती 55 किलोमीटर लंबी सीमा पट्टी बीएसएफ के अंतर्गत आती है और इसे केंद्र की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए उन्होंने बीजेपी से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। चीमा ने दावा किया कि पंजाब सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पंजाब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन रोधी प्रणालियां भी तैनात की हैं। 

हरियाणा और राजस्थान को पंजाब का पानी देने के मुद्दे पर बीजेपी का क्या रुख

इसके बाद उन्होंने पंजाब के जल का मुद्दा भी उठाया। हरपाल चीमा ने सवाल किया कि हरियाणा और राजस्थान को पंजाब का पानी देने के मुद्दे पर बीजेपी का क्या रुख है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के मुद्दे पर पंजाब से सवाल करने से पहले बीजेपी को पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

पिछली सरकार के कार्यकाल से संबंधित कई आरोप भी लगाए

चीमा ने 2007 से 2017 तक की अकाली-बीजेपी सरकार का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान पंजाब में नशीली दवाओं की समस्या बड़े पैमाने पर सामने आई और ‘चिट्टा’ शब्द नशीली दवाओं के संकट से व्यापक रूप से जुड़ गया। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल से संबंधित कई आरोप भी लगाए, हालांकि ये चीमा द्वारा किए गए राजनीतिक दावे हैं।

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गुजरात और राजस्थान से जुड़े नशीले पदार्थों की खेपों को लेकर बीजेपी से सवाल किए 

आम आदमी पार्टी के नेता ने अपनी सरकार के नशा-विरोधी अभियान का बचाव करते हुए ‘नशीली दवाओं के खिलाफ जंग’ अभियान, नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और उपचार सुविधाओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ सरकार नशे की लत से पीड़ित लोगों के इलाज पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। हरपाल चीमा ने गुजरात और राजस्थान से जुड़े नशीले पदार्थों की खेपों को लेकर बीजेपी से सवाल किए। उन्होंने दावा किया कि देश में बरामद की गई कुछ बड़ी नशीले पदार्थों की खेपों का संबंध इन्हीं राज्यों से है। इसके जवाब में, बीजेपी पहले ही पंजाब सरकार के नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए कदमों पर सवाल उठा रही है और राज्य में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सरकार को घेर रही है। 

‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से होगी और 30 सितंबर को समाप्त होगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुलजार सिंह की मौत से जुड़े सवाल पर चीमा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि चूंकि मामला अदालती कार्यवाही से जुड़ा है, इसलिए वे इस पर विस्तार से टिप्पणी नहीं करेंगे। वहीं, विपक्ष इस मामले को लेकर चीमा और सरकार पर सवाल उठा रहा है। इस राजनीतिक माहौल में बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू होने जा रही है और इसका समापन कार्यक्रम 30 सितंबर को जालंधर में निर्धारित किया गया है।

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