Bhavantar Bharpai Yojana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के तहत हरियाणा में किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दूसरे राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों पर सख्ती से रोक लगाएं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बाजरा और धान की खरीद को लेकर हुई समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ के तहत क्षेत्र के सत्यापन, राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन, मंडियों में बाजरा और धान की खरीद के लिए ज़रूरी इंतज़ामों और ज़रूरत के हिसाब से अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने के बारे में भी अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री श्री राजेश नागर और मुख्यमंत्री के OSD श्री वीरेंद्र बड़खलसा भी मौजूद थे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले साल सरकार ने शुरू में बाजरे की खरीद दर 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तय की थी और बाद में इसे बढ़ाकर 2,200 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था।
इस बार सरकार 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदेगी
सरकार और कमीशन एजेंटों द्वारा दी गई खरीद कीमत और 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के MSP के बीच के अंतर की भरपाई सरकार ने अलग से की थी। इस साल, बाजरा खुले बाज़ार में औसतन 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हरियाणा में किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिले। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदेगी। अगर किसानों को खुले बाज़ार में ज़्यादा कीमत मिलती है, तो बिक्री की कीमत और 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई सरकार करेगी।
बाजरे की खरीद और ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के तहत भुगतान पक्का किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की तुलना में पड़ोसी राज्यों में बाजरा बहुत कम कीमत पर बिक रहा है। इसलिए, पड़ोसी राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा में बेचने की कोशिशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि ज़िला प्रशासन और पुलिस की मदद से पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर यह पक्का किया जाए कि दूसरे राज्यों से बाजरा हरियाणा में न आए। उन्होंने कहा कि ‘मेरी फ़सल-मेरा ब्योरा’ में दर्ज रिकॉर्ड और जारी किए गए J-फ़ॉर्म के आधार पर ही बाजरे की खरीद और ‘भावान्तर भरपाई योजना’ के तहत भुगतान पक्का किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र के सत्यापन (area verification) का काम करने का भी निर्देश दिया।
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मुख्यमंत्री ने धान की खरीद के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धान की खरीद के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी ज़िलों में राइस मिलरों का पंजीकरण किया जाए। जो राइस मिलर पहले गड़बड़ी में शामिल पाए गए थे, उनका पंजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन ज़िलों में कम राइस मिलर पंजीकृत हैं, वहां के धान को दूसरे ज़िलों के राइस मिलरों को आवंटित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ज़रूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों के राइस मिलरों के पंजीकरण की संभावना तलाशने का भी निर्देश दिया।
मंडियों में बाजरा और धान की खरीद के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में बाजरा और धान की खरीद के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएं ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने सभी अनाज मंडियों में कैमरे और जियो-फेंसिंग लगाने, ज़रूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र बनाने और किसानों को दी जाने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की और इस संबंध में अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, निदेशक श्री अंशज सिंह और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।






