Jagat Jyoti Sri Guru Granth Sahib Satkar (Amendment) Act, 2026: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ के संबंध में गठित सात सदस्यीय समिति के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में समिति के सदस्यों के साथ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सात सदस्यीय समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात करने वाली समिति में विभिन्न धार्मिक, कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हैं। समिति के सदस्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: ज्ञानी रघबीर सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार संत हरनाम सिंह खालसा, दमदमी टकसाल के प्रमुख रामपुर खेड़ा के संत बाबा सेवा सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह, पूर्व आईपीएस अधिकारी और पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख और अधिवक्ता प्रीत इंदर पाल सिंह इस मामले में शामिल हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब की आपत्तियों पर चर्चा
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ज्ञानी रघुबीर सिंह ने बताया कि बैठक में सबसे पहले आपसी परिचय हुआ। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा अधिनियम के संबंध में उठाई गई आपत्तियों को दूर करने के तरीकों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत चर्चा के बाद जल्द ही एक रिपोर्ट तैयार करके प्रस्तुत की जाएगी।
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नए कानून में प्रस्तावित संशोधनों की जांच की जाएगी
संत बाबा सेवा सिंह ने कहा कि नया कानून पुराने कानून को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार, अधिनियम में प्रस्तावित सभी संशोधनों की गहन जांच की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने बेअदबी के मामलों से संबंधित कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने के उद्देश्य से पंजाब विधानसभा में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित किया।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने इस अधिनियम के संबंध में कुछ आपत्तियां उठाईं। पंजाब सरकार ने इन आपत्तियों और अधिनियम में आवश्यक संशोधनों पर विचार करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है।






