हरियाणा में वेतन बढ़ते ही मचा बवाल, इस मांग पर अड़े मजदूर

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हाल ही में हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के नए नियम के तहत मजदूरों के वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसे 11 अप्रैल से लागू भी कर दिया गया है। लेकिन प्रदेश सरकार की यह सौगात विवादों में आ गई है। मानसेर, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे आद्योगिक शहरों में इसको लेकर बवाल मचा हुआ है। श्रमिकों ने सरकार के द्वारा की गई वेतन वृद्धि को ऊंट के मुंह में जीरे के समान बताया है।

वेतन वृद्धि जमीनी हकीकत से कोसों दूर

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) के प्रदेश महासचिव जय भगवान ने कहा कि यह वेतन वृद्धि जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। बीते साल हरियाणा सरकार, उद्योग जगत और मजदूर प्रतिनिधियों की साझा प्रतिनिधि ने मिलकर सहमति जताई थी।

आपको बता दें कि ये सारा विवाद 23,196 रुपये की उस प्रस्तावित राशि को लेकर है, जिसकी सिफारिश राज्य न्यूनतम वेतन समिति ने 29 दिसंबर 2025 को की थी। इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए समिति ने एक कामकाजी वयस्क के लिए कैलोरी, कपड़ों की जरूरत, मकान किराया, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा खर्चों का विस्तृत वैज्ञानिक आकलन किया था। मजदूरों का तर्क है कि जब सरकार की अपनी समिति ने माना है कि सम्मानजनक जीवन जीने के लिए 23 हजार से अधिक की राशि चाहिए, तो फिर उन्हें 15 हजार रूपये क्यों दिए जा रहे हैं।

मानसेर और पानीपत में श्रमिकों ने मचाया हंगामा

हाल ही में मानसेर में पुलिस और श्रमिकों के बीच जमकर झड़प हुई। इसमें महिलाओं समेत 50 प्रदर्शनकारियों को पत्थरबाजी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ऐसा ही मामला पानीपत में भी देखने को मिला। यहां के रिफाइनरी में 30 हजार कर्मचारियों का गुस्सा पथराव और तोड़फोड़ के रूप में फूटा। श्रमिक संगठनों का कहना है कि जब तक वेतन को दिल्ली और एनसीआर के मानकों के बराबर नहीं लाया जाता और सामाजिक सुरक्षा (PF व ESIC) सुनिश्चित नहीं की जाती है तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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सरकार ने वेतन में की 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी

हरियाणा सरकार ने अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,274 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया गया है। इससे करीबन 3,946 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़ाकर 16,780 रुपये किया गया है। कुशल श्रमिकों के वेतन में 4,796 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे उनका वेतन करीब 18,500 रुपये पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त हाई स्किल्ड श्रमिकों का वेतन 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425 रुपये कर दिया गया है, जिसमें 5,036 रुपये की बढ़ोतरी शामिल है।

हाइलाइट्स:

  • हरियाणा सरकार ने मजदूरों के वेतन में 35% बढ़ोतरी का ऐलान किया
  • 11 अप्रैल से नई वेतन दरें लागू
  • औद्योगिक शहरों गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत में विरोध प्रदर्शन
  • मजदूरों ने बढ़ोतरी को बताया “ऊंट के मुंह में जीरा”
  • सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस ने कहा—वेतन वृद्धि जमीनी हकीकत से दूर
  • न्यूनतम वेतन समिति ने 23,196 रुपये की सिफारिश की थी
  • अकुशल मजदूरों का वेतन 11,274 से बढ़कर 15,220 रुपये
  • अर्धकुशल, कुशल और हाई स्किल्ड श्रमिकों के वेतन में भी 4–5 हजार तक बढ़ोतरी
  • मानेसर और पानीपत में श्रमिकों का प्रदर्शन, झड़प और गिरफ्तारियां
  • मजदूरों की मांग—दिल्ली-NCR के बराबर वेतन और PF-ESIC जैसी सामाजिक सुरक्षा
vandana
Author: vandana

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