Kurukshetra Rape Case: कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल मामले में हरियाणा महिला आयोग ने आरोपी डॉ शैलेंद्र की कुंडली निकालने में जुट गया है। महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर के बारे में तमाम रिपोर्ट मांगी हैं। खासतौर पर सेवानिवृत्ति के बाद फिर से कंसल्टेंट चिकित्सक लगाने को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं केयूके पुलिस ने रिमांड अवधि खत्म होने पर डॉक्टर को दोबारा कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
डॉ शैलेंद्र पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
डॉ शैलेंद्र की दोबारा नियुक्ति पर भी महिला आयोग ने सवाल उठाए हैं। हरियाणा महिला आयोग चेयरपर्सन ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज, हरियाणा को पत्र जारी कर पूछा है कि एक रिटायर्ड सीनियर मेडिकल ऑफिसर को दोबारा कंसल्टेंट चिकित्सक के तौर पर किस नियम और प्रक्रिया के तहत अस्पताल में नियुक्त किया गया। पहले भी डॉ शैलेंद्र पर आरोप लग चुके हैं।
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तमाम दस्तावेज 3 दिनों के भीतर उपलब्ध करवाए जायें
महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस मामले में कमेटी बनाकर जांच की जाए। अयोग ने निर्देश दिए कि उक्त सभी सवालों के जवाब दस्तावेजों समेत 3 दिन के भीतर अयोग को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि पता लगे कि डॉक्टर की दोबारा नियुक्ति में तय प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। वह आदेश की प्रतियां उपलब्ध करवायें जिनके माध्यम से उक्त पुनर्नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की गई। नियुक्ति करने से पूर्व कौन-कौन से पात्रता मानदंड, स्क्रीनिंग प्रक्रिया एवं चयन प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं, डॉक्टर शैलेंद्र पर एससी/एसटी एक्ट भी लगाया है।
आपको बता दें कि 29 मई को एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। वहां आरोपी डॉक्टर ने नाबालिग के साथ गलत काम किया।






