Haryana Vision 2047: हरियाणा सरकार ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, रोजगारोन्मुख और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बड़ा खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को हरियाणा विजन-2047 के तहत उच्च शिक्षा विभाग की पांच वर्षीय कार्ययोजना की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
22 मॉडल संस्कृति कॉलेज बनेंगे स्वतंत्र संस्थान
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 22 मॉडल संस्कृति कॉलेजों को स्वतंत्र संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली और आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन कॉलेज भवनों और शैक्षणिक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
NIRF रैंकिंग में टॉप-150 का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत राज्य के संस्थानों को नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की शीर्ष 150 रैंकिंग में लाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग, छात्र विनिमय कार्यक्रम, शोध परियोजनाओं और पेटेंट निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
पंचकूला और गुरुग्राम में खुलेंगे AI डिजिटल कॉलेज
बैठक में प्रस्तावित ऑटोनॉमस एआई डिजिटल कॉलेजों की भी समीक्षा की गई। पंचकूला और गुरुग्राम में बनने वाले ये कॉलेज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शिक्षण प्रणाली से लैस होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है।
खाली पदों पर जल्द होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
छात्राओं के लिए बड़ी राहत
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने सरकारी कॉलेजों में स्नातक स्तर पर पढ़ने वाली छात्राओं की ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ कर दी है। इस फैसले से हजारों छात्राओं को आर्थिक राहत मिलेगी और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
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ड्रॉपआउट छात्रों पर रहेगी विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्कूल और कॉलेज छोड़ चुके छात्रों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कोई भी छात्र आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।”
शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर
सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, शोध, नवाचार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करके हरियाणा को देश के अग्रणी शिक्षा केंद्रों में शामिल किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से हरियाणा विजन-2047 के तहत उच्च शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है।






