करनाल: केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री और करनाल से सांसद मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार शाम शहर के डॉ. मंगल सेन ऑडिटोरियम परिसर में हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ मंगल सेन की प्रतिमा का पुनर्स्थापन और अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।
राजनीति में मर्यादा और अनुशासन के प्रतीक थे डॉ. मंगल सेन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि डॉ. मंगल सेन एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन जनसेवा और संगठन को समर्पित कर दिया। वे शुरुआत से ही भारतीय जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। खट्टर ने कहा कि डॉ. मंगल सेन सात बार रोहतक से विधायक चुने गए और उन्होंने हरियाणा के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में गरिमा, अनुशासन और मूल्यों को बनाए रखने की सीख डॉ. मंगल सेन से मिलती है।
1981 से 1984 के बीच साथ काम करने की यादें साझा कीं
केंद्रीय मंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 1981 से 1984 के बीच उन्हें रोहतक में डॉ. मंगल सेन के साथ करीब से काम करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने में उनकी असाधारण क्षमता को नजदीक से देखा। उन्होंने कहा, “डॉ. मंगल सेन हमेशा राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उच्च आदर्शों की बात करते थे। उन्होंने राजनीति में शालीनता और मर्यादा के ऐसे मानदंड स्थापित किए, जो आज भी प्रासंगिक हैं।”
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विरोधियों के साथ भी थे मधुर संबंध
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि डॉ. मंगल सेन के राजनीतिक विरोधियों के साथ भी बेहद सौहार्दपूर्ण संबंध थे। वे हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग और संवाद में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि चौधरी देवी लाल, डॉ. मंगल सेन और प्रकाश सिंह बादल जैसे नेताओं ने भारतीय राजनीति में उच्च आदर्श और कार्यशैली की मिसाल कायम की।
ऑडिटोरियम परिसर में नई जगह स्थापित की गई प्रतिमा
डॉ. मंगल सेन की प्रतिमा पहले ऑडिटोरियम परिसर के एक अन्य हिस्से में स्थापित थी। अब इसे परिसर के नए स्थान पर पुनर्स्थापित किया गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






