TB Mukt Bharat App: हरियाणा ने हाल ही में लॉन्च किए गए ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ (TB Mukt Bharat App) पर पंजीकरण के मामले में देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य में तपेदिक (टीबी) उन्मूलन अभियान में लोगों की बढ़ती भागीदारी और डिजिटल पहल की सफलता को दर्शाती है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों, कॉर्पोरेट संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों की पोषण और मनोसामाजिक सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है और हरियाणा देश का पहला टीबी-मुक्त राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
32,643 लोगों ने कराया पंजीकरण
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, अब तक हरियाणा में ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ (TB Mukt Bharat App) पर 32,643 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इनमें से 22,266 स्वयंसेवकों ने टीबी मरीजों को पोषण किट और मनोसामाजिक सहायता देने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,997 लोगों ने नए निक्षय मित्र के रूप में खुद को पंजीकृत कर मरीजों को पोषण और जांच संबंधी सहायता देने की जिम्मेदारी ली है।
AI चैटबॉट ‘खुशी ई-संगिनी’ (‘Khushi E-Sangini’) की सुविधा
ऐप में ‘खुशी ई-संगिनी’ (‘Khushi E-Sangini’)नाम का एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट भी शामिल किया गया है। यह 12 भाषाओं में उपलब्ध है और टीबी के लक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा जीपीएस की मदद से नजदीकी टीबी जांच केंद्रों की जानकारी देता है। टीबी मरीज अपने निक्षय आईडी से लॉग-इन कर व्यक्तिगत उपचार कार्यक्रम देख सकते हैं। साथ ही ऐप में दवाओं की याद दिलाने वाली सुविधा भी दी गई है, जिससे मरीज नियमित रूप से दवा ले सकेंगे और इलाज बीच में नहीं रुकेगा।
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पारदर्शिता बढ़ाने में मददगार
यह ऐप कंपनियों, गैर-सरकारी संगठनों और आम नागरिकों को भी निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण की सुविधा देता है। पोषण किट वितरित करने वाले स्वयंसेवक ऐप पर जियो-टैग और टाइम-स्टैंप वाली तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं, जिससे सेवा वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने बताया कि वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षकों, टीबी लैब पर्यवेक्षकों, टीबी हेल्थ विजिटर्स और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे मरीजों को ऐप डाउनलोड करने और दवा रिमाइंडर सक्रिय करने में मदद कर सकें। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने, ऐप डाउनलोड करने और निक्षय मित्र बनकर राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान में भागीदारी करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह तकनीक आधारित पहल सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाएगी, मरीजों के उपचार अनुपालन में सुधार करेगी और देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने में मदद करेगी।





