Namo Bharat RRTS extended: दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम होते हुए बावल तक बन रहे नमो भारत RRTS कॉरिडोर का विस्तार अब राजस्थान के बहरोड़ तक किया जाएगा। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने बावल-बहरोड़ विस्तार प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे दक्षिण हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
24 मिनट में तय होगा बावल से बहरोड़ का सफर
गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि विस्तार के बाद कॉरिडोर में हरियाणा में लगभग 11 किलोमीटर और राजस्थान में 25 किलोमीटर नया ट्रैक जोड़ा जाएगा। 36 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में चार नए स्टेशन बनाए जाएंगे और बावल से बहरोड़ की दूरी महज 24 मिनट में तय की जा सकेगी।
परियोजना की लागत में 8,000 करोड़ रुपये का इजाफा
इस विस्तार से परियोजना की लागत में करीब 8,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पहले इस कॉरिडोर को नीमराना-बहरोड़ तक मंजूरी मिली थी, लेकिन बाद में इसे पहले धारूहेड़ा और फिर बावल तक सीमित कर दिया गया था। इसके बाद सामाजिक संगठनों और राजस्थान के लोगों ने इसे फिर से बहरोड़ तक बढ़ाने की मांग उठाई थी।
ये भी पढ़ें- रोहतक में 8.11 लाख लोग आयुष्मान भारत योजना के पात्र, 15 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में इस विस्तार पर चर्चा हुई थी। इससे शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। साथ ही हरियाणा के नांगल चौधरी लॉजिस्टिक्स हब, आईएमटी बावल और खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना निवेश क्षेत्र के विस्तार को भी गति मिलेगी।
तीन प्राथमिक RRTS कॉरिडोर में शामिल था यह मार्ग
साल 2019 में NCRTC ने तीन प्राथमिक RRTS कॉरिडोर प्रस्तावित किए थे। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और दिल्ली-गुरुग्राम-SNB (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़)-अलवर। मेरठ कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो चुका है, जबकि पानीपत कॉरिडोर अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है।
2041 तक सबसे अधिक यात्रियों की संभावना
NCRPB के अनुमान के अनुसार दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर RRTS कॉरिडोर पर वर्ष 2041 तक प्रतिदिन 15.1 लाख यात्रियों के सफर करने की संभावना है। यह संख्या मेरठ कॉरिडोर (11.4 लाख) और पानीपत कॉरिडोर (9.83 लाख) से अधिक होगी। इसी को देखते हुए कॉरिडोर को उसके मूल बहरोड़ टर्मिनस तक बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।





