चंडीगढ़ : हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिसको लेकर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने चिंता जाहिर की है। आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी-2024) की रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया है।
मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि हरियाणा में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की स्थिति “अत्यंत चिंताजनक” है और यह राज्य के बाल संरक्षण तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पूर्ण पीठ ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी।
अपने आदेश में आयोग ने कहा कि एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में हरियाणा में बच्चों के विरुद्ध अपराधों के 7,547 मामले दर्ज हुए, जो साल 2023 की तुलना में करीब 17.9 प्रतिशत अधिक हैं। रिपोर्ट में प्रति एक लाख बाल जनसंख्या पर अपराध दर 82.8 बताई गई है, जो देश में सबसे अधिक है।
बालिकाओं से जुड़े पोक्सो मामलों में वृद्धि
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अधिकांश मामलों में हत्या, बलात्कार, भेदनात्मक यौन उत्पीड़न, अपहरण, मानव तस्करी, बाल विवाह, परित्याग, भ्रूण हत्या और पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज अपराध शामिल हैं। खासतौर पर बालिकाओं से जुड़े पोक्सो मामलों में वृद्धि को आयोग ने बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और मानसिक विकास के लिए गंभीर खतरा बताया।
इन विभागों से आयोग ने मांगी रिपोर्ट






