पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम करते हुए अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या, डकैती या लूट जैसी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी और एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गए।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) साहिल ढिल्लों ने बताया कि शुक्रवार शाम हथीन की एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के चार-पांच हथियारबंद अपराधी कार से पलवल की ओर आ रहे हैं। सूचना थी कि वे अपने साथियों से मिलने के बाद किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने वाले हैं।
KMP एक्सप्रेसवे पर शुरू हुआ ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि कार सवार बदमाश पुलिस को देखकर भागने लगे और होडल की दिशा में फरार होने की कोशिश की। पुलिस के पीछा करने पर आरोपी मुंडकटी चौक के पास पहुंचे। यहां जब एक पुलिसकर्मी कार के पास पहुंचा तो आरोपियों ने उस पर गोली चला दी। गोली सिपाही देवेंद्र के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद बदमाश पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर मारोली रोड की ओर भाग निकले। पुलिस टीम लगातार उनका पीछा करती रही।
टायर फटने के बाद घिरे आरोपी
भागते समय आरोपियों की कार का एक टायर फट गया, जिससे वाहन रुक गया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद भी बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग जारी रखी, जिससे पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी माधव गुप्ता के पैर में गोली लगी। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी अकरम, कृष्ण, आलोक परिहार उर्फ राहुल ठाकुर और माधव गुप्ता के रूप में हुई है। वहीं गिरोह का एक अन्य सदस्य विपुल द्विवेदी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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हथियारों का जखीरा बरामद
गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से एक राइफल, दो पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में किया जाना था। जांच में सामने आया है कि घायल आरोपी माधव गुप्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गैंगस्टर एक्ट समेत 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आलोक परिहार पर चार और अकरम पर दो आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
मुठभेड़ में घायल सिपाही देवेंद्र और आरोपी माधव गुप्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मुंडकटी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी विपुल द्विवेदी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो यह गिरोह जिले में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता था। चार आरोपियों की गिरफ्तारी से एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।






