चंडीगढ़: पंजाब सरकार 1 जुलाई से राज्य की करीब 52 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देना शुरू करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को मासिक भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने योजना के लिए जरूरी बजट का प्रावधान भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के लाभार्थियों की पहचान का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब तक करीब 52 लाख महिलाओं को योजना के लिए पात्र पाया गया है। इनमें से 35 से 36 लाख महिलाओं को कार्ड भी जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी पात्र महिलाओं को इस महीने के अंत तक कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भगवंत मान ने कहा कि 1 जुलाई से योजना के तहत राशि वितरित की जाएगी और सभी पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
दलित महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये
सरकार की योजना के अनुसार सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति (दलित) वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वर्ष 2026-27 के बजट में की थी। योजना को लागू करने के लिए सरकार ने 9300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
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97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा लाभ
सरकार का दावा है कि राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। हालांकि कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है। इनमें कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, वर्तमान और पूर्व विधायक तथा सांसद शामिल हैं। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की कुल संख्या लगभग 1.01 करोड़ है। इनमें से 51.48 प्रतिशत यानी करीब 52 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ भी मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार, जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना की राशि भी प्राप्त कर सकेंगी। यानी उनकी मौजूदा पेंशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
देर से पंजीकरण कराने वालों को भी मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र महिला का कार्ड जुलाई के बाद बनता है, तब भी उसे 1 जुलाई से मिलने वाली राशि का पूरा लाभ दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी महिला का कार्ड अक्टूबर में बनता है, तो उसे जुलाई से अक्टूबर तक की बकाया राशि एक साथ मिल सकेगी।
चुनावी नहीं, दीर्घकालिक योजना: CM
विपक्ष की ओर से योजना को चुनावी कदम बताए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई चुनावी योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए यह योजना शुरू कर रही है और यह विधानसभा चुनावों के बाद भी जारी रहेगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा और परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। राज्य में महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यह योजना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






