चंडीगढ़: पंजाब भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढ़िल्लों ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। हालांकि इस समारोह में भाजपा में शामिल हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के सात पूर्व राज्यसभा सांसदों में से चार की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी।
राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और संदीप पाठक समारोह में नहीं हुए शामिल
समारोह में राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और संदीप पाठक नजर नहीं आए। वहीं विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल और सतनाम संधू मंच की अग्रिम पंक्ति में प्रमुखता से बैठे दिखाई दिए। समारोह से एक और बड़ा राजनीतिक संदेश तब गया जब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। हालांकि मंच पर लगे फ्लेक्स बोर्ड में उनकी तस्वीर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ और पूर्व सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के साथ प्रमुखता से प्रदर्शित की गई थी, जिससे पार्टी में उनकी अहमियत का संकेत मिला।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परणीत कौर समारोह में मौजूद रहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में ढ़िल्लों की नियुक्ति पर सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि ढ़िल्लो कभी उनके करीबी रहे होंगे, लेकिन वर्षों से दोनों की मुलाकात नहीं हुई है। उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया था जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने ढ़िल्लों के नाम की सिफारिश की थी। हालांकि उनकी पत्नी और पूर्व सांसद परणीत कौर समारोह में मौजूद रहीं। उन्होंने नए प्रदेश अध्यक्ष को समर्थन का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है और सभी कार्यकर्ता उनका स्वागत व सहयोग करने के लिए एकजुट हैं।
अरदास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ केवल सिंह ढ़िल्लों ने अपने कार्यकाल की शुरुआत की
समारोह में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कई नेताओं की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, पूर्व सांसद फतेह जंग बाजवा और भाजपा नेता सुनील जाखड़ मंच की अग्रिम पंक्ति में बैठे नजर आए। अपने कार्यकाल की शुरुआत ढ़िल्लों ने अरदास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की। उन्होंने कार्यालय में महाराजा रणजीत सिंह का चित्र स्थापित करते हुए कहा कि उनका शासन समृद्ध और सौहार्दपूर्ण पंजाब का आदर्श मॉडल था। उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के दौर में किसान समृद्ध थे, सभी धर्मों का सम्मान होता था और लोग भयमुक्त जीवन जीते थे।
ना आपदा, ना कापड़ा, पंजाब मांगदा भाजपा
इस अवसर पर तरुण चुघ ने नया नारा देते हुए कहा, “ना आपदा, ना कापड़ा, पंजाब मांगदा भाजपा” और दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। वहीं सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार को पंजाब के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बताते हुए 2027 में सत्ता परिवर्तन का आह्वान किया। उन्होंने पंजाब राज्य विद्युत विनियामक आयोग के प्रमुख की नियुक्ति को लेकर भी सरकार पर संस्थागत मर्यादाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा और विजय सांपला भी उपस्थित रहे।






