गुरुग्राम में हरियाणा का पहला टैक्सिडर्मी सेंटर बनकर तैयार होने हो चुका है। जिला अदालत के निकट वन कार्यालय के पीछे टैक्सिडर्मी सेंटर के लिए बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। आगामी महीने में सेंटर शुरू हो जाएगा। इस सेंटर के शुरू होने के बाद मृत वन्यजीवों के शव को जलाया नहीं जाएगा। उनकी खाल और सभी अंग सुरक्षित रखे जायेंगे। सेंटर का जिल भी वन्यजीव की खाल का होगा, ढांचा तैयार होने के बाद उसमें खाल लगा दी जाएगी। इस ढांचे को वन्यजीव जागरूकता केंद्रों में लगाया जाएगा।
लोग आसानी से वन्यजीव और प्रकृति के बारें में सीख सके
हरियाणा के वन क्षेत्रों में काफी संख्या में वन्यजीव हैं। अरावली के पहाड़ी इलाकों में तेंदुआ, हिरण, गिदड़ सहित कई तरह के वन्यजीव हैं। वर्तमान में किसी वन्यजीव की हादसे में या फिर प्राकृतिक मौत हो जाने के बाद शव को जला दिया जाता है। लेकिन टैक्सिडर्मी सेंटर के बन जाने बाद किसी भी वन्यजीव की मौत के बाद उनके शव को जलाया नहीं जाएगा। उन्हें अरावली पहाड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित जंगल सफारी पार्क को और भी अधिक आकर्षक बनाने के लिए यहां एक आधुनिक जागरूकता केंद्र बनाया जाएगा। इससे लोग आसानी से वन्यजीव और प्रकृति के बारें में सीख सकेंगे।
ये भी पढ़ें- हरियाणा नगर निगम चुनाव पर छाए संकट के बादल, फैमली आईडी से आरक्षण करने पर HC ने उठाए सवाल
सफारी पार्क दुनिया का सबसे बड़ा जंगल सफारी प्रोजेक्ट
वन्य अधिकारियों के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम और नूंह जिले के 10 एकड़ जमीन में बनने वाला सफारी पार्क दुनिया का सबसे बड़ा जंगल सफारी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसको चार चरणों में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा का पहला टैक्सिडर्मी सेंटर बनकर तैयार हो चुका है जो अगले महीने से शुरू हो जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है लोगों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करना और संरक्षण को बढ़ावा देना है।
हाइलाइट्स:
- गुरुग्राम में हरियाणा का पहला टैक्सिडर्मी सेंटर बनकर तैयार
- जिला अदालत के पास वन कार्यालय के पीछे बनाई गई आधुनिक बिल्डिंग
- अगले महीने से सेंटर शुरू होने की संभावना
- मृत वन्यजीवों के शव अब जलाए नहीं जाएंगे, खाल और अंग सुरक्षित रखे जाएंगे
- टैक्सिडर्मी के जरिए वन्यजीवों के मॉडल बनाकर जागरूकता केंद्रों में प्रदर्शित किए जाएंगे
- अरावली पहाड़ियां क्षेत्र के वन्यजीवों (तेंदुआ, हिरण, गीदड़) पर फोकस
- लोगों को वन्यजीव और प्रकृति के बारे में जागरूक करने की पहल
- गुरुग्राम-नूंह में 10 हजार एकड़ में बनेगा जंगल सफारी पार्क
- सफारी पार्क को चार चरणों में विकसित किया जाएगा
- दुनिया के सबसे बड़े जंगल सफारी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की योजना





