महीनों की अटकलों पर लगा विराम, हरियाणा के 14 जिले बने रहेंगे NCR में

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Haryana 14 District in NCR: हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़े जिलों की संख्या में किसी तरह की कटौती नहीं होगी। राज्य के सभी 14 जिले NCR में यथावत बने रहेंगे। इस फैसले से पिछले कई महीनों से चल रही उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि हरियाणा के NCR दायरे को घटाया जा सकता है।

यह निर्णय मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा के मौजूदा NCR क्षेत्र में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा और सभी 14 जिले पहले की तरह ही NCR का हिस्सा बने रहेंगे।

बड़े बदलाव की आशंका पर राहत

इससे पहले प्रस्तावित पुनर्गठन (rationalisation exercise) के तहत यह आशंका जताई जा रही थी कि हरियाणा के कई जिले NCR से बाहर हो सकते हैं। इनमें करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल थे। यदि यह प्रस्ताव लागू होता तो हरियाणा का NCR क्षेत्र 25,327 वर्ग किलोमीटर से घटकर लगभग 10,546 वर्ग किलोमीटर रह जाता, यानी करीब 60 प्रतिशत की कमी हो जाती। लेकिन अब इस निर्णय के बाद इन सभी जिलों को बड़ी राहत मिली है।

विकास परियोजनाओं को मिलेगा फायदा

NCR में बने रहने से इन जिलों को कई विकास परियोजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत क्षेत्र में अब तक 366 परियोजनाएं लागू की जा चुकी हैं, जिन पर 32,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। इन जिलों को Regional Plan-2041 के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं जैसे Regional Rapid Transit System (RRTS) कॉरिडोर, ऑर्बिटल रेल लिंक और हाईवे कनेक्टिविटी का भी लाभ मिलता रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, करनाल और पानीपत जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के लिए यह फैसला निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास बढ़ाने और कनेक्टिविटी सुधारने में मददगार साबित होगा।

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पर्यावरणीय नियमों का दबाव भी जारी रहेगा

हालांकि NCR में बने रहने का मतलब यह भी है कि इन जिलों में सख्त पर्यावरणीय नियम लागू रहेंगे। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रदूषण नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध और वाहन संबंधी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। औद्योगिक क्षेत्र पानीपत और पराली जलाने से प्रभावित करनाल जैसे जिलों को पर्यावरण मानकों का पालन जारी रखना होगा। इसके साथ ही ईंधन कर और निर्माण नियम भी NCR मानकों के अनुसार ही लागू रहेंगे।

स्वच्छ हवा और परिवहन योजनाओं पर चर्चा

बैठक में करनाल और मानेसर के लिए प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इसके अलावा NCR क्षेत्र में पुराने वाहनों के लिए वाहन परिवर्तन योजना को भी मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करना है। NCRPB की अगली बैठक दिसंबर में आयोजित की जाएगी।

 

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