VB-GRAMIN: हरियाणा सरकार ने गुरुवार को संशोधित ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAMIN)’ की शुरुआत कर दी। इसके साथ ही हरियाणा ग्रामीण रोजगार योजना के तहत सबसे अधिक दैनिक मजदूरी देने वाला राज्य बन गया है। नई व्यवस्था के तहत मजदूरों को प्रतिदिन 409 रुपये की मजदूरी मिलेगी। इसके अलावा मजदूरी भुगतान में तेजी, अधिकारियों की जवाबदेही और तकनीक आधारित पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया है।
राज्यव्यापी योजना की शुरुआत कुरुक्षेत्र से करते हुए हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि अब श्रमिकों को 15 दिन के बजाय सात दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान में देरी करने वाले अधिकारियों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि पहले यह राशि केवल 1,000 रुपये थी। पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सभी कार्यस्थलों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
केंद्र और राज्य सरकार ने जारी की बड़ी राशि
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 590.19 रुपये करोड़ जारी किए हैं, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए करीब 370 रुपये करोड़ का योगदान दिया है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण श्रमिकों को ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) कराना होगा। सत्यापन के बाद उन्हें 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक पंजीकृत परिवार को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। यदि तय समय में काम नहीं दिया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा।
DBT से सीधे खाते में पहुंचेगी मजदूरी
योजना के तहत मजदूरी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही श्रमिकों को बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिनों की छुट्टी का लाभ भी मिलेगा।
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318 प्रकार के कार्य होंगे शामिल
मंत्री के अनुसार, इस मिशन के तहत 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, कृषि, आजीविका सृजन, जलवायु अनुकूलन, आपदा प्रबंधन, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण सुविधाएं, ग्रामीण बाजार और कौशल विकास जैसे कार्य शामिल हैं।
महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। महिलाओं के प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हरियाणा में करीब 70 हजार स्वयं सहायता समूह (SHGs) कार्यरत हैं और लगभग तीन लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) बन चुकी हैं। सरकार ने इस संख्या को बढ़ाकर पांच लाख करने का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा मंत्री ने केंद्र सरकार से कई प्रस्ताव भी रखे हैं, जिनमें पीएम ग्राम सड़क योजना-4 के रखरखाव कार्यों को इस रोजगार कार्यक्रम से जोड़ना, खाली पदों को भरना, पीएम आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता राशि जारी करने में तेजी लाना तथा श्रमिकों के लिए दुर्घटना बीमा कवरेज को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग शामिल है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और तकनीक आधारित निगरानी से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।





