Farmer Protest: हरियाणा में एक बार फिर सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन शुरू हो गया है। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के तले किसानों ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन शुरू कर दिया है। रबी फसलों की खरीद के बीच सरकार के द्वारा जारी नए बायोमेट्रिक नियमों के खिलाफ किसानों ने अपना मोर्चा खोल लिया है।
बायोमेट्रिक नियम बना किसान आंदोलन का कारण
पानीपत के डाहर टोल प्लाजा पर किसानों ने नेशनल हाईवे को जाम कर अपने विरोध प्रदर्शन की शुरूआत की। जबकि पंचकूला में शिमला की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर भी किसानों ने अपना डेरा डाल दिया। जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई। बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली की वजह से किसानों का गुस्सा उबल पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रधान बिंटू मलिक और उप प्रधान अनिल कादियान ने बताया कि सरकार ने बिना तैयारी के तकनीकी जटिलताएं किसानों पर थोप दी हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम हमेशा काम नहीं करता है जिसकी वजह से अनाज मंडियों के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइनें लग रही हैं। किसानों का आरोप है कि सर्वर डाउन रहने और अंगूठे के निशान मैच न होने की वजह से घंटों तक गेट पास जारी नहीं हो पा रहे, जिससे फसल की तुलाई में कई-कई दिनों की देरी हो रही है।
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अल्टीमेट खत्म होने पर किसानों का संग्राम
किसान संगठनों का कहना है कि इस नियम को वापस लेने के लिए उन्होंने सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया था। वक्त बीतने के बाद भी जब सरकार की ओर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला तो 11 अप्रैल (शनिवार) को किसानों ने अपने आंदोलन को शुरू कर दिया। पंचकूला में किसानों के प्रदर्शन का असर शिमला जाने वाले पर्यटकों पर भी पड़ रहा है। शिमला जाने वाले स्टेट हाईवे पर किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया है जिसके कारण सैकड़ों गाड़ियां रास्ते में ही फंसी हुई हैं।
हाईलाइट्स
- हरियाणा में किसानों ने सरकार के खिलाफ फिर आंदोलन शुरू किया
- संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन
- रबी फसलों की खरीद के बीच नए बायोमेट्रिक नियमों के खिलाफ किसानों का विरोध
- बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली बनी आंदोलन की मुख्य वजह
- पानीपत के डाहर टोल प्लाजा पर किसानों ने नेशनल हाईवे जाम किया
- पंचकूला में शिमला जाने वाली सड़क पर भी किसानों ने धरना देकर जाम लगाया
- जाम के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित
- भारतीय किसान यूनियन के नेताओं बिंटू मलिक और अनिल कादियान ने सरकार पर बिना तैयारी नियम लागू करने का आरोप लगाया
- किसानों का आरोप: बायोमेट्रिक सिस्टम ठीक से काम नहीं करता
- सर्वर डाउन और अंगूठा मैच न होने से गेट पास जारी होने में देरी
- मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइनें, फसल तुलाई में देरी
- किसान संगठनों ने सरकार को 10 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया था
- समाधान न मिलने पर 11 अप्रैल से आंदोलन शुरू किया गया
- पंचकूला में जाम का असर शिमला जाने वाले पर्यटकों पर भी पड़ा
- सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे, यातायात बाधित






