पंजाब निकाय चुनाव: पंजाब निकाय चुनाव में अब तक के जो भी परिणाम सामने आए हैं उनमें आम आदमी पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिलता दिख रहा है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि पंजाब की जनता ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार की नीतियों पर भरोसा जताया है। ये चुनाव केवल स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं हैं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी जबरदस्त बढ़त बनाती दिखाई दे रही है।
225 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने हासिल की जीत
अब तक जो परिणाम सामने आए हैं उनके अनुसार, 480 वार्डों में से आम आदमी पार्टी 225 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। कांग्रेस 85, अकाली दल 71 और भाजपा केवल 15 सीटों तक सीमित दिखाई दे रही है। ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि पंजाब की राजनीति में विपक्ष लगातार कमजोर होता जा रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी की पकड़ गांवों, कस्बों और शहरों तक मजबूत हुई है।
कांग्रेस के गढ़ में आम आदमी पार्टी ने दी धोबी पछाड़
सबसे शानदार परिणाम तो गिद्दड़बाहा से आया है, जहां कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गढ़ में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 19 में से अभी तक गिने गए 13 के 13 वार्डों में जीत हासिल कर ली। यह नतीजा कांग्रेस के लिए केवल चुनावी हार नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है कि जनता अब पुराने राजनीतिक ढांचे से आगे बढ़ना चाहती है।
धूरी में आप ने किया क्लीन स्वीप
धूरी में तो आम आदमी पार्टी ने लगभग क्लीन स्वीप कर दिया। 21 में से 20 सीटों पर जीत दर्ज कर पार्टी ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री मान के गृह क्षेत्र में जनता का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। इसी तरह हरियाना नगर काउंसिल में 11 में से 7 सीटें जीतकर पार्टी ने बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस और भाजपा पीछे रह गईं। नाभा नगर काउंसिल के परिणाम भी आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार की कहानी कह रहे हैं। यहां पार्टी ने 12 में से 6 सीटें जीतकर सबसे बड़ी ताकत के रूप में अपनी स्थिति बनाई। भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस मिलकर भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके जो आम आदमी पार्टी अकेले छोड़ती दिखाई दी। पंजाब की जनता ने इस चुनाव में यह संदेश दिया है कि वह केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि काम की राजनीति चाहती है।






