पंजाब निकाय चुनाव में आप का दबदबा, वोट शेयर ने दिए 2027 के संकेत

SHARE:

चंडीगढ़: मई के अंतिम सप्ताह में हुए पंजाब के शहरी निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकांश नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में जीत दर्ज की। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोट शेयर के आंकड़ों ने यह भी साफ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए कई महत्वपूर्ण संकेत छिपे हुए हैं।

राज्य के 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में हुए चुनावों में आप ने 8 नगर परिषदों और एक नगर पंचायत में 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस किसी भी स्थानीय निकाय में 50 प्रतिशत वोट शेयर का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।

शिरोमणि अकाली दल का कुछ इलाकों में मजबूत प्रदर्शन

सीटों के लिहाज से तीसरे स्थान पर रहे शिरोमणि अकाली दल ने संगत नगर परिषद और मलूका नगर पंचायत में 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर हासिल किया। दिलचस्प बात यह रही कि 30 स्थानीय निकायों में अकाली दल का वोट शेयर कांग्रेस से अधिक रहा, हालांकि कांग्रेस ने ज्यादा वार्ड जीते।कांग्रेस ने 1,977 वार्डों में से 397 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि अकाली दल के खाते में 192 वार्ड आए। कांग्रेस को 46 निकायों में 20 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। उसका सर्वाधिक वोट शेयर मोरिंडा में 49.18 प्रतिशत रहा, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गढ़ माना जाता है।

Also read: माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की चेयरमैन बनीं डॉ. निधि महेंद्रू

24 निकायों में 40 प्रतिशत से अधिक वोट

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि आप को 24 स्थानीय निकायों में 40 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। वहीं कांग्रेस और अकाली दल को केवल पांच-पांच निकायों में 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल हुए। भारतीय जनता पार्टी केवल अबोहर नगर निगम में ही मजबूत स्थिति में दिखाई दी।

बसपा का निराशाजनक प्रदर्शन

96 स्थानीय निकायों में उम्मीदवार उतारने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। 45 निकायों में पार्टी का वोट शेयर शून्य प्रतिशत रहा। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पंजाब में दलित मतदाता लगभग 33 प्रतिशत हैं और अधिकांश राजनीतिक दल अपनी रणनीति में इस वर्ग को अहम मानते हैं।

भाजपा को भी झटका

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को केवल 10 निकायों में ही 20 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। पठानकोट में पार्टी को 32.8 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि नया गांव में उसका सर्वाधिक वोट शेयर 38.95 प्रतिशत रहा। वहीं जोगा, कोठा गुरु, कीरतपुर साहिब और मलूका नगर पंचायतों में भाजपा का वोट शेयर शून्य प्रतिशत रहा।

निर्दलीयों ने भी दिखाया दम

कई क्षेत्रों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सभी राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया। राहों में निर्दलीयों को 92.88 प्रतिशत वोट मिले, जबकि बरेटा में 85.12 प्रतिशत, गोनियाना में 69.3 प्रतिशत, जोगा में 68.87 प्रतिशत और नूरमहल में 63.55 प्रतिशत वोट मिले। सात स्थानीय निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर हासिल किया। कुल 251 निर्दलीय उम्मीदवार विभिन्न वार्डों से विजयी रहे।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े संकेत

निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जीत जरूर दर्ज की है, लेकिन वोट शेयर के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा अभी भी कई क्षेत्रों में प्रभाव बनाए हुए हैं। वहीं निर्दलीयों की मजबूत मौजूदगी यह संकेत देती है कि स्थानीय स्तर पर मतदाता अब भी व्यक्ति आधारित राजनीति को महत्व दे रहे हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों को अपनी रणनीति नए सिरे से तैयार करनी होगी।

Join us on:

Leave a Comment