रोपड़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह ने सोमवार को विपक्षी दलों भाजपा, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने लंबे समय तक पंजाब की जनता के साथ धोखा किया और सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए राजनीति की। वे रोपड़ जिले के बदवा गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य की पिछली सरकारों और मौजूदा विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए।
“विकास नहीं, सिर्फ सत्ता की राजनीति”
सीएम मान ने कहा कि विपक्षी दलों के पास पंजाब के विकास के लिए कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां सिर्फ चुनाव जीतने और सत्ता में आने के लिए काम कर रही हैं, जबकि जनता के मुद्दों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने तीनों प्रमुख दलों पर अलग-अलग आरोप लगाए भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसान विरोधी कानून लागू किए, जिसके खिलाफ देशभर में बड़ा आंदोलन हुआ। अकाली दल ने राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किया कांग्रेस ने अपने शासन में पंजाब को बार-बार निराश किया और विकास धीमा रहा उन्होंने कहा कि इन सभी कारणों से जनता ने इन दलों को नकार दिया।
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2022 चुनाव को बताया “बदलाव का समय”
सीएम मान ने कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आया। इस चुनाव में लोगों ने कई पुराने नेताओं और परिवारवादी राजनीति को खारिज किया और आम आदमी पार्टी को भारी समर्थन दिया। उन्होंने इसे “ईमानदार और पारदर्शी शासन” की शुरुआत बताया।
गठबंधन पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन को भी निशाने पर लिया और इसे अवसरवादी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि ये दल केवल सत्ता हासिल करने के लिए फिर से एक साथ आने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार की उपलब्धियों का दावा
अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार सिंचाई और जल प्रबंधन पर बेहतर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य अब अपनी उपलब्ध 96% नहर के पानी का उपयोग कर रहा है, जिससे किसानों को फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस अब विकास, पारदर्शिता और जनता की भलाई पर है।






