चंडीगढ़: लंबे प्रयास के बाद हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा के मशहूर संगठित अपराधी वैंकेटश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। वैंकेटश गर्ग लंबे वक्त से भारत छोड़कर विदेश में छिपा हुआ था और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांटेड था।
जानते हैं कौन है वैंकेटश गर्ग
वैंकेटश गर्ग का नाम कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के गिरोह से जुड़ा बताया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह हरियाणा और आसपास के राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क का अहम सदस्य रहा है।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद दिल्ली लाया गया
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, इंटरपोल और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उसे भारत वापस लाने की कार्रवाई पूरी की। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे दिल्ली लाया गया।
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हत्या के प्रयास, रंगदारी, वसूली और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, वैंकेटश गर्ग के खिलाफ हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं।
BSP नेता हत्याकांड का मुख्य आरोपी
वैंकेटश गर्ग को हरियाणा के नारायणगढ़ में हुए BSP नेता हरबिलास राज्जो माजरा हत्याकांड का मुख्य आरोपी माना जाता है। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था और राज्य की राजनीति में भी सुर्खियों में आया था।
विदेश में बैठकर चला रहा था आपराधिक नेटवर्क
जांच एजेंसियों का दावा है कि भारत से फरार होने के बाद भी वह विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के युवाओं को अपने गिरोह से जोड़ता था और उन्हें हत्या, धमकी तथा रंगदारी जैसी वारदातों के लिए इस्तेमाल करता था।
इंटरपोल रेड नोटिस के बाद गिरफ्तारी
वैंकेटश गर्ग का पता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों के समन्वय और इंटरपोल रेड नोटिस जारी होने के बाद चला। जॉर्जिया की पुलिस ने उसे नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई।
अब भारत में चलेगा मुकदमा
अधिकारियों का कहना है कि भारत लौटने के बाद वैंकेटश गर्ग को विभिन्न मामलों में अदालत के सामने पेश किया जाएगा। उसके खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई होगी और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क की भी आगे जांच की जाएगी। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई सीमा पार से संचालित हो रहे संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ बड़ी सफलता है और इससे कई मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।






