हरियाणा में सरकारी विभाग कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर रोक, केवल मेडिकल इमरजेंसी में छूट

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चंडीगढ़: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण इन दिनों भारत समेत कई देश पेट्रोल, डीजल समेत एलपीजी गैस संकट से जूझ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार की ओर से आमजन से लेकर मंत्रियों से अपील की गई है कि अपनी यात्रा को कम करें। जितना हो सके पेट्रोल-डीजल की बचत करें। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने सरकारी खर्च में कटौती और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 19 मई को सुखना लेक तक साइकिल यात्रा कर प्रधानमंत्री की अपील के अनुरूप एसओपी तैयार किए जाने की घोषणा की थी, जबकि इसके औपचारिक निर्देश 10 जून को जारी किए गए।

विदेशी यात्रा पर रोक

हरियाणा सरकार की नई गाइडलाइंस के अनुसार, सितंबर 2026 तक सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी भी प्रकार की विदेशी यात्रा चाहे आधिकारिक हो या व्यक्तिगत की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल जरूरी मेडिकल स्थिति में ही छूट दी जाएगी।

बैठकों और सरकारी गतिविधियों में बदलाव

प्रदेश सरकार ने निर्देश दिया है कि जितना संभव हो सके तमामइसके  विभाग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें करें। साथ ही, कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी बैठकें ऑनलाइन आयोजित करना अनिवार्य होगा। सरकारी कर्मचारियों की अनावश्यक आवाजाही को भी कम करने के निर्देश दिए गए हैं।

रैलियों और कार्यक्रमों पर रोक

जिला प्रशासन और पुलिस को सितंबर 2026 तक किसी भी प्रकार की रैली, रोड शो, वाहन जुलूस या जनसभा के लिए अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं।

वीवीआईपी सुरक्षा और काफिला नियम

वीवीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या को सुरक्षा मानकों के अनुसार 50 प्रतिशत तक घटाने का निर्णय लिया गया है।

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ईंधन बचत और वाहन उपयोग में कटौती

वित्त विभाग को सभी विभागों में 20 प्रतिशत ईंधन खर्च घटाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए एक विशेष पोर्टल बनाया जाएगा, जिससे ईंधन बचत की निगरानी की जाएगी।हर विभागाध्यक्ष को हर महीने यह प्रमाणपत्र देना होगा कि उनके विभाग में वाहन उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी हुई है। इसके अलावा, सितंबर 2026 तक गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

कार्यालयों में ऊर्जा बचत के निर्देश

सरकारी दफ्तरों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने और अनावश्यक लाइटिंग तथा सजावटी रोशनी से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

आर्थिक कारण और वैश्विक स्थिति

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अनुसार, कोविड-19 के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ईंधन और आयात लागत पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से यह खर्च नियंत्रण के कदम उठाए गए हैं।

बजट में ईंधन खर्च का अनुमान

2026-27 के बजट अनुमानों के अनुसार, मंत्रियों के ईंधन खर्च के लिए 6 करोड़ रुपये, सिविल सचिवालय के लिए 4.20 करोड़ रुपये, जिला स्तर पर 6 करोड़ रुपये और उप-मंडल स्तर पर 7.20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, विदेश सहयोग विभाग के तहत 2025-26 के लिए 4 करोड़ रुपये विदेशी यात्रा पर खर्च के रूप में निर्धारित किए गए हैं।

 

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