नूंह: नूंह जिले के तावडू उपमंडल के अंतर्गत गांव बेरी में हत्या मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने आयी नूंह सीआईए टीम पर भीड़ ने ही हमला कर डाला। आरोप है कि भीड़ ने पुलिसकर्मी के कब्जे से आरोपी को छुड़ा लिया और पुलिस टीम के एक जवान को बंधक बनाकर कमरे में कैद कर दिया। इस मामले के बाद अतिरिक्त पुलिसबल ने मौके पर पहुंचकर जवान को ग्रामीणों की कैद से छुड़ाया।
भीड़ ने सीआईए टीम के साथ की मारपीट
ये पूरा मामला 18 जून (गुरुवार) का है। सीआईए नूंह को सूचना प्राप्त हुई थी कि हत्या के एक मामले में वांछित आरोपी जावेद बेरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। सूचना मिलने पर सीआईए टीम के जवान भारतपाल मौके पर पहुंचे और संदिग्ध घर पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतपाल ने जावेद को पहचान कर उसे पकड़ लिया था। लेकिन गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद 15 से 20 पुरुषों और महिलाओं की भीड़ वहां पहुंच गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी द्वारा खुद को सीआईए टीम का सदस्य बताने और सरकारी ड्यूटी पर होने की जानकारी देने के बावजूद भीड़ ने उसके साथ मारपीट की।
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पुलिस के जवान को गांव के एक कमरे में किया कैद
पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने बलपूर्वक आरोपी जावेद को छुड़ाकर फरार होने में मदद की। इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी को जबरन एक कार में बैठाया और गांव के ही एक अन्य मकान में ले जाकर कमरे में बंद कर दिया। बंधक बनाए जाने से पहले पुलिसकर्मी किसी तरह अपने मोबाइल फोन के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने में सफल रहा। सूचना मिलते ही मोहम्मदपुर अहीर थाना पुलिस की टीम अतिरिक्त बल के साथ गांव पहुंची और कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी को सुरक्षित मुक्त कराया। इस दौरान पुलिस ने उमैर नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेरी गांव निवासी जमशेद के पुत्र उमैर के रूप में हुई है।
विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
तावडू के डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने बताया कि मामले में कई नामजद पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, वांछित अपराधी को शरण देने, पुलिस हिरासत से आरोपी को छुड़ाने, मारपीट और अवैध रूप से बंधक बनाने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों और हत्या के आरोपी जावेद की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर मेवात क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों को उजागर किया है, जहां वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान कई बार पुलिस टीमों को विरोध और हमलों का सामना करना पड़ता है।






