चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल ने सोमवार को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी)-2026 और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी (टीटीपी)-2026 को मंजूरी दे दी। नई नीतियों में कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादलों को अधिक पारदर्शी, संतुलित और कर्मचारी हितैषी बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। सरकार के अनुसार यह संशोधन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्पणियों और कर्मचारियों समेत विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर किया गया है। नई नीति में उम्र के आधार पर मिलने वाले अंकों को कम किया गया है, जबकि सेवा अनुभव और विशेष परिस्थितियों को अधिक महत्व दिया गया है।
120 अंकों के नए स्कोरिंग सिस्टम से तय होगी रैंकिंग
नई ट्रांसफर नीति के तहत कर्मचारियों की रैंकिंग 120 अंकों की संशोधित कंपोजिट स्कोरिंग प्रणाली के आधार पर तय होगी। पहले जहां उम्र को 75 प्रतिशत वेटेज दिया जाता था, उसे घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही ‘कैडर में अनुभव’ नाम से नया मानदंड जोड़ा गया है, जिसे 25 प्रतिशत वेटेज दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों के अनुभव और लंबे समय तक की गई सेवा को उचित महत्व मिलेगा।
विशेष परिस्थितियों को मिलेगा अधिक लाभ
नई नीति में विशेष परिस्थितियों और कठिनाइयों से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए राहत बढ़ाई गई है। इसके लिए मिलने वाला वेटेज 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार ने गंभीर बीमारियों की सूची का भी विस्तार किया है। अब मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, बेहसेट डिजीज, अग्न्याशय (पैंक्रियास) प्रत्यारोपण और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसे मामलों को भी विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है।
रिटायरमेंट से पहले तबादले पर रोक
नई नीति के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले उसकी लिखित सहमति के बिना स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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दंपती कर्मचारियों को मिला बड़ा फायदा
सरकार ने दंपती श्रेणी (कपल केस) के लिए मिलने वाले मेरिट अंक पांच से बढ़ाकर 10 कर दिए हैं। इसके अलावा इस श्रेणी के दायरे का भी विस्तार किया गया है। अब हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कार्यरत किसी भी सरकारी संगठन के नियमित कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
ट्रांसफर प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
नई नीति में कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत करने की व्यवस्था की गई है, जिससे ट्रांसफर प्रक्रिया में भाग लेने वाले और नहीं लेने वाले कर्मचारियों की स्पष्ट पहचान हो सकेगी। साथ ही तबादला प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय-सीमा को भी अधिक व्यवस्थित बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नीति लागू होने के साथ ही वर्ष 2025 की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी के तहत चल रही सभी ट्रांसफर प्रक्रियाएं स्वतः समाप्त मानी जाएंगी।
नई नीति की प्रमुख बातें
- उम्र का वेटेज 75% से घटाकर 25% किया गया
- कैडर अनुभव के लिए 25% वेटेज जोड़ा गया
- विशेष परिस्थितियों का वेटेज 25% से बढ़ाकर 50% किया गया
- कई नई गंभीर बीमारियों को विशेष श्रेणी में शामिल किया गया
- रिटायरमेंट से एक साल पहले बिना सहमति तबादला नहीं होगा
- दंपती श्रेणी के मेरिट अंक 5 से बढ़ाकर 10 किए गए
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के सरकारी कर्मचारियों को भी कपल श्रेणी का लाभ मिलेगा
- 2025 की पुरानी ट्रांसफर नीतियां समाप्त होंगी






