चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ग्रेटर मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में नई टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले किसानों और गांवों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। 11,103 एकड़ भूमि अधिग्रहण परियोजना के तहत पहली बार सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि जिन गांवों की जमीन शहरी विकास के लिए ली जाएगी, उनका विकास भी समानांतर रूप से किया जाएगा। उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए इस सिद्धांतगत फैसले के तहत प्रभावित गांवों को शहरीकरण प्रक्रिया का साझेदार बनाया जाएगा। जल्द ही इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
गांवों की सार्वजनिक सुविधाएं रहेंगी सुरक्षित
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गांवों के सरकारी और पंचायत स्कूल, पार्क, डिस्पेंसरी तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। ये सभी संस्थान पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
सीवरेज, पानी और सड़कें होंगी GMADA नेटवर्क से जुड़ी
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) गांवों की मूलभूत सुविधाओं को अपने शहरी ढांचे से जोड़ेगी। इसके तहत गांवों की सीवरेज व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम को GMADA के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा गांवों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत का काम भी सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी सड़क परियोजना में धन की कमी आती है तो GMADA आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।
फिरनी के अंदर बने मकान नहीं होंगे अधिग्रहित
गांवों की पारंपरिक सीमा सड़क यानी “फिरनी” के किनारे बने मकानों को भूमि अधिग्रहण से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा, ताकि गांवों की पहचान और मूल स्वरूप बना रहे। हालांकि, कृषि भूमि में बने वे मकान जो परियोजना क्षेत्र के भीतर आते हैं, उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। इस प्रक्रिया की जिम्मेदारी भी GMADA संभालेगी।
विकास कार्यों के लिए तय हुई तीन साल की समय सीमा
सरकार ने पहली बार अधिग्रहण के बाद विकास कार्यों के लिए निश्चित समयसीमा तय की है। भूमि अधिग्रहण का अवार्ड पारित होने और जमीन का कब्जा लेने के बाद तीन वर्षों के भीतर सभी विकास कार्य पूरे करने होंगे।
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किसानों को साझेदार बनाने की पहल
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य किसानों की वास्तविक चिंताओं को दूर करना और उन्हें विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहली बार सरकार केवल जमीन नहीं ले रही, बल्कि गांवों से वादा भी कर रही है कि जिस गति से टाउनशिप विकसित होगी, उसी गति से गांवों का भी विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ नीति नहीं, बल्कि किसानों के लिए हमारी गारंटी है। हम गांवों को बाद में नहीं, बल्कि टाउनशिप के साथ-साथ विकसित करेंगे और यह काम तीन साल के भीतर पूरा किया जाएगा।”






