Easy Registry and Easy Jamabandi Portal : मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आम लोगों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक ‘ईजी रजिस्ट्री’ और ‘ईजी जमाबंदी पोर्टल’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को जमीन से जुड़ी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है।
पहले करीब 40 लाख लोगों को जमाबंदी या फर्द की कॉपी लेने के लिए पटवारखानों और सेवा केंद्रों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। लंबी कतारों और देरी के कारण लोगों को रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता था। अब लोग घर बैठे अपनी जमीन की प्रमाणित और कानूनी रूप से मान्य जमाबंदी डाउनलोड कर सकेंगे।
अब ये पांच सेवाएं मिलेंगी ऑनलाइन
- व्हाट्सएप पर जमाबंदी:
अब भूमि रिकॉर्ड की प्रमाणित कॉपी व्हाट्सएप के जरिए प्राप्त की जा सकेगी। - ऑनलाइन इंतकाल (म्यूटेशन):
संपत्ति के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया गया है। - रपट एंट्री:
जमीन से जुड़े लेन-देन की ऑनलाइन एंट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। - फर्द बदर:
नाम, वर्तनी या अन्य लिपिकीय गलतियों को आसानी से सुधारा जा सकेगा। - लैंड अलर्ट सब्सक्रिप्शन:
जमीन मालिकों और प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए यह विशेष सुविधा शुरू की गई है। यदि किसी जमीन रिकॉर्ड में धोखाधड़ी या अवैध बदलाव का प्रयास किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत व्हाट्सएप या ई-मेल के जरिए सूचना मिल जाएगी, जिससे वह समय रहते कानूनी कार्रवाई कर सकेगा।
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तीन तरीकों से मिलेगी सुविधा
- ऑनलाइन पोर्टल:
ईजी जमाबंदी पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। - टोल-फ्री हेल्पलाइन:
ऑनलाइन आवेदन में सहायता के लिए 1076 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। - सेवा केंद्र:
ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी सेवा केंद्र का भी उपयोग किया जा सकता है।
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था पर सरकार का जोर
कुलातर सिंह संधावन ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी शासन व्यवस्था के जरिए लोगों तक सरकारी सेवाओं को उनके घर के दरवाजे तक पहुंचाना है। इस पहल से जमीन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।






