दिल्ली-NCR में पुराने ट्रकों-बसों को हटाने की तैयारी, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई स्कीम

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Haryana Vehicle Scrappage Scheme: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में चल रहे करीब 1.08 लाख पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। इस योजना के तहत नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी कमर्शियल वाहनों की खरीद पर मोटर व्हीकल (एमवी) टैक्स में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाकर स्वच्छ और आधुनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

1.08 लाख पुराने वाहनों को बदला जाएगा

योजना के तहत करीब 92 हजार ट्रकों और 16 हजार बसों को बदला जाएगा, जो बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के अनुरूप हैं। ये वाहन हरियाणा के 14 एनसीआर जिलों में पंजीकृत हैं।

नए और पुराने BS-VI वाहनों पर भी मिलेगी छूट

सरकार ने घोषणा की है कि नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक (ईवी) और सीएनजी से चलने वाले ट्रक और बस खरीदने वालों को मोटर व्हीकल टैक्स में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत इस्तेमाल किए गए बीएस-6, इलेक्ट्रिक या सीएनजी कमर्शियल वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत एमवी टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। यह छूट नए वाहन के पहले पंजीकरण की तारीख से 10 वर्षों तक लागू रहेगी।

किन वाहनों को मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ उन ट्रकों और बसों के मालिकों को मिलेगा, जो हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत हैं और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं।

  • बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को हरियाणा के पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराना होगा।
  • बीएस-4 वाहनों को या तो स्क्रैप किया जा सकता है या फिर एनसीआर और गैर-एनसीएपी क्षेत्रों के बाहर बेचा जा सकता है।

केंद्र सरकार की योजना से जुड़ी है पहल

यह योजना केंद्र सरकार की वाहन प्रतिस्थापन नीति का हिस्सा है, जिसे जून 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसके तहत पुराने वाहन हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार भी दे रही कई लाभ

केंद्र की योजना के तहत पुराने कमर्शियल वाहन बदलने वालों को कई अतिरिक्त लाभ भी मिलेंगे।

  • नए वाहन खरीदने के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी।
  • डीजल और सीएनजी वाहन खरीदने वालों को पांच साल तक हर महीने 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर।
  • इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 64 हजार रुपये से 2.56 लाख रुपये तक का एकमुश्त प्रोत्साहन।
  • वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक की छूट देंगी।

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प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों के अनुसार, भारी कमर्शियल वाहन दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक प्री-बीएस वाहन लगभग 14 बीएस-6 भारी वाहनों के बराबर प्रदूषण फैलाता है, जबकि बीएस-4 वाहन भी बीएस-6 वाहनों की तुलना में करीब 2.7 गुना अधिक प्रदूषण करते हैं।

राज्य को होगा आर्थिक फायदा

योजना के कारण हरियाणा सरकार को करीब 935.7 करोड़ रुपये के टैक्स राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, नए कमर्शियल वाहनों की बिक्री बढ़ने से राज्य को लगभग 1,999.6 करोड़ रुपये का एसजीएसटी राजस्व मिलने की उम्मीद है। इससे सरकार को करीब 1,063.9 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो सकता है। सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल प्रदूषण कम करने में मदद करेगी, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

 

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