पलवल-फरीदाबाद-दिल्ली सफर होगा आसान, 10 नए स्टेशनों वाली मेट्रो परियोजना अंतिम चरण में

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Ballabhgarh to Palwal Metro Line: हरियाणा में पलवल को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट को जल्द ही राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह परियोजना दिल्ली मेट्रो की मौजूदा वायलेट लाइन का विस्तार होगी, जो फिलहाल बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह स्टेशन तक संचालित है। प्रस्ताव के मुताबिक, नई मेट्रो लाइन करीब 28 किलोमीटर लंबी होगी और पूरी तरह एलिवेटेड (ऊंचे ट्रैक) कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

10 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे

हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और राइट्स (RITES) ने इस रूट का प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित कॉरिडोर पर 10 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जो औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेंगे। यह मेट्रो लाइन सेक्टर-58, सेक्टर-59, सिकरी और पृथला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ अल्हापुर, बघोला, सौफ्ता और पलवल बस स्टैंड जैसे प्रमुख आवासीय और ट्रांजिट क्षेत्रों को कनेक्ट करेगी। अंतिम स्टेशन पलवल मिनी सचिवालय परिसर में प्रस्तावित है, जबकि ट्रैक का अंत पलवल पुलिस लाइन से पहले होगा, ताकि भविष्य में इसके और विस्तार की संभावना बनी रहे।

रोजाना 3.5 लाख यात्रियों को मिलेगा फायदा

दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच हर दिन लाखों लोग नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। अनुमान है कि करीब 3.5 लाख लोग रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं। मेट्रो शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। इससे दिल्ली-आगरा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। यात्रियों का सफर समय भी कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।

ये भी पढ़ें- बंधुआ मजदूरी के शिकार नाबालिग को बड़ी राहत, हरियाणा सरकार ने मंजूर किया 10 लाख का मुआवजा

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

मेट्रो के संचालन से ईंधन की खपत कम होगी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। इसके अलावा बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से पलवल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी हलचल

मेट्रो परियोजना की DPR अंतिम चरण में पहुंचने के बाद पलवल के रियल एस्टेट बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में महंगी संपत्तियों के कारण अब कई लोग पलवल में किफायती आवास की तलाश कर रहे हैं। प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास जमीन और मकानों की मांग बढ़ने लगी है। खासकर पृथला और मिनी सचिवालय क्षेत्र में नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को लेकर डेवलपर्स की रुचि बढ़ी है।

निर्माण शुरू होने से पहले पूरी करनी होंगी ये प्रक्रियाएं

हालांकि DPR अंतिम चरण में है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। परियोजना को राज्य कैबिनेट और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद फंडिंग मॉडल तय किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन और पिलर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी मंजूरियां भी लेनी होंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे पलवल की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। हरियाणा में पलवल को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट को जल्द ही राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह परियोजना दिल्ली मेट्रो की मौजूदा वायलेट लाइन का विस्तार होगी, जो फिलहाल बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह स्टेशन तक संचालित है। प्रस्ताव के मुताबिक, नई मेट्रो लाइन करीब 28 किलोमीटर लंबी होगी और पूरी तरह एलिवेटेड (ऊंचे ट्रैक) कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

10 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे

हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और राइट्स (RITES) ने इस रूट का प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित कॉरिडोर पर 10 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जो औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेंगे। यह मेट्रो लाइन सेक्टर-58, सेक्टर-59, सिकरी और पृथला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ अल्हापुर, बघोला, सौफ्ता और पलवल बस स्टैंड जैसे प्रमुख आवासीय और ट्रांजिट क्षेत्रों को कनेक्ट करेगी। अंतिम स्टेशन पलवल मिनी सचिवालय परिसर में प्रस्तावित है, जबकि ट्रैक का अंत पलवल पुलिस लाइन से पहले होगा, ताकि भविष्य में इसके और विस्तार की संभावना बनी रहे।

रोजाना 3.5 लाख यात्रियों को मिलेगा फायदा

दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच हर दिन लाखों लोग नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। अनुमान है कि करीब 3.5 लाख लोग रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं। मेट्रो शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। इससे दिल्ली-आगरा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। यात्रियों का सफर समय भी कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

मेट्रो के संचालन से ईंधन की खपत कम होगी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। इसके अलावा बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से पलवल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी हलचल

मेट्रो परियोजना की DPR अंतिम चरण में पहुंचने के बाद पलवल के रियल एस्टेट बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में महंगी संपत्तियों के कारण अब कई लोग पलवल में किफायती आवास की तलाश कर रहे हैं। प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास जमीन और मकानों की मांग बढ़ने लगी है। खासकर पृथला और मिनी सचिवालय क्षेत्र में नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को लेकर डेवलपर्स की रुचि बढ़ी है।

निर्माण शुरू होने से पहले पूरी करनी होंगी ये प्रक्रियाएं

हालांकि DPR अंतिम चरण में है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। परियोजना को राज्य कैबिनेट और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद फंडिंग मॉडल तय किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन और पिलर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी मंजूरियां भी लेनी होंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे पलवल की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। हरियाणा में पलवल को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। बल्लभगढ़ से पलवल तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट को जल्द ही राज्य और केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह परियोजना दिल्ली मेट्रो की मौजूदा वायलेट लाइन का विस्तार होगी, जो फिलहाल बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह स्टेशन तक संचालित है। प्रस्ताव के मुताबिक, नई मेट्रो लाइन करीब 28 किलोमीटर लंबी होगी और पूरी तरह एलिवेटेड (ऊंचे ट्रैक) कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 4,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

10 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे

हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) और राइट्स (RITES) ने इस रूट का प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित कॉरिडोर पर 10 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जो औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेंगे। यह मेट्रो लाइन सेक्टर-58, सेक्टर-59, सिकरी और पृथला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ अल्हापुर, बघोला, सौफ्ता और पलवल बस स्टैंड जैसे प्रमुख आवासीय और ट्रांजिट क्षेत्रों को कनेक्ट करेगी। अंतिम स्टेशन पलवल मिनी सचिवालय परिसर में प्रस्तावित है, जबकि ट्रैक का अंत पलवल पुलिस लाइन से पहले होगा, ताकि भविष्य में इसके और विस्तार की संभावना बनी रहे।

रोजाना 3.5 लाख यात्रियों को मिलेगा फायदा

दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच हर दिन लाखों लोग नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। अनुमान है कि करीब 3.5 लाख लोग रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं। मेट्रो शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। इससे दिल्ली-आगरा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। यात्रियों का सफर समय भी कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

मेट्रो के संचालन से ईंधन की खपत कम होगी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। इसके अलावा बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से पलवल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ी हलचल

मेट्रो परियोजना की DPR अंतिम चरण में पहुंचने के बाद पलवल के रियल एस्टेट बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में महंगी संपत्तियों के कारण अब कई लोग पलवल में किफायती आवास की तलाश कर रहे हैं। प्रस्तावित स्टेशनों के आसपास जमीन और मकानों की मांग बढ़ने लगी है। खासकर पृथला और मिनी सचिवालय क्षेत्र में नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को लेकर डेवलपर्स की रुचि बढ़ी है।

निर्माण शुरू होने से पहले पूरी करनी होंगी ये प्रक्रियाएं

हालांकि DPR अंतिम चरण में है, लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। परियोजना को राज्य कैबिनेट और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद फंडिंग मॉडल तय किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन और पिलर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी मंजूरियां भी लेनी होंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे पलवल की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

 

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