पिंडों के सर्वांगीण विकास से पंजाब बनेगा देश में नंबर-1 : सीएम भगवंत मान

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चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के सरपंचों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए उनके मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को आयोजित ‘सरपंच मिलनी’ कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य के सभी सरपंचों को 15 अगस्त से हर महीने 10,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सरपंचों से गांवों के समग्र विकास, नशामुक्ति और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील की।

पहले 2,000 रुपये मिलता था मानदेय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपये मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन वह कभी लागू नहीं हो पाया। उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद सरपंचों को ₹2,000 मासिक मानदेय देना शुरू किया और अब इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह करने का फैसला लिया गया है।

लोकतंत्र की नींव हैं पंचायतें

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की बुनियाद हैं और गांवों के विकास में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देश की करीब 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र का प्रकाश स्तंभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार नीतियां बनाती है, लेकिन उन्हें जमीन पर उतारने का काम सरपंच और पंच करते हैं।

विकास कार्यों में पारदर्शिता पर जोर

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि वे सरकारी फंड का पूरी पारदर्शिता के साथ इस्तेमाल करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता के पैसे का एक-एक रुपया गांवों के विकास पर खर्च हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप और पक्षपात से बचना चाहिए।

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गुटबाजी खत्म करने की अपील

भगवंत मान ने कहा कि पिछले वर्षों में गांवों में गुटबाजी के कारण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सरपंचों से गांवों में आपसी भाईचारा बढ़ाने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद सरपंच किसी एक समूह का नहीं, बल्कि पूरे गांव का प्रतिनिधि होता है।

नशामुक्त और स्वच्छ गांव बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए पंचायतों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। इसके अलावा गांवों को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी काम करने की जरूरत है।

विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि गांवों के विकास के लिए सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से गांवों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा, ताकि सरकार समय पर उन्हें मंजूरी देकर काम शुरू करा सके।

लाइब्रेरी, स्कूल और सोलर लाइट को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सड़कों के साथ-साथ लाइब्रेरी, स्कूल और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे गांवों में शिक्षा, जागरूकता और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों का समग्र विकास करना है और इसमें सरपंच सरकार और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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