फायर सेफ्टी में लापरवाही पड़ेगी भारी, रोहतक के 159 संस्थानों पर प्रशासन की कार्रवाई

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रोहतक: हरियाणा के रोहतक में नगर निगम (एमसी) ने सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम ने 159 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को व्यक्तिगत सुनवाई (पर्सनल हियरिंग) के नोटिस जारी किए हैं। इनमें 99 कोचिंग सेंटर और करीब 60 दुकानें व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।

फायर सेफ्टी और लिफ्ट एनओसी पर सख्ती

नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में संबंधित संस्थानों को पर्याप्त अग्निशमन उपकरण (फायर सेफ्टी सिस्टम) लगाने, अनिवार्य लिफ्ट एनओसी प्राप्त करने और भवनों के बाहर लगे अवैध फ्लेक्स बोर्ड, होर्डिंग्स तथा ज्वलनशील शीट्स को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम आयुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों का पालन कराने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान संस्थानों के संचालकों को अपनी अनुपालन स्थिति प्रस्तुत करने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का अवसर दिया जाएगा।

नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार यह निगरानी कर रहा है कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

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संवेदनशील स्थलों का होगा सर्वे

इस बीच, रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को सभी संवेदनशील भूखंडों और अधिक भीड़भाड़ वाले संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पीजी आवास, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का पूरा डाटाबेस तैयार किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान प्लॉट नंबर, सेक्टर, संचालक का नाम और परिसर में संचालित गतिविधियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा, ताकि प्रत्येक संस्थान का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

इमरजेंसी इंतजामों की भी होगी जांच

निरीक्षण टीमों को यह जांचने के निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित संस्थानों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। विशेष रूप से इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी उपकरण और अन्य सुरक्षा मानकों की उपलब्धता की जांच की जाएगी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण के दौरान कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके संचालकों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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