PM Poshan Scheme: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Scheme) के तहत बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में पहुंचने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच के बाद ही उसे स्वीकार किया जाए।
घटिया गुणवत्ता की शिकायतों के बाद जारी हुए निर्देश
प्राथमिक शिक्षा विभाग को दाल, मसालों और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने 25 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश जारी किए।
स्कूलों में जांच के बाद ही स्वीकार होगी सामग्री
विभाग ने कहा है कि हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन की ओर से सरकारी स्कूलों में भेजी जाने वाली सभी खाद्य सामग्री की पहले गुणवत्ता जांच की जाए। यदि कोई सामान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसे तुरंत बदलवाया जाए।
ये भी पढ़ें-30 जुलाई को करनाल में होगा राज्य स्तरीय वन महोत्सव, CM नायब सिंह सैनी करेंगे पौधारोपण अभियान की शुरुआत
स्कूल प्रमुखों को दी गई जिम्मेदारी
अधिकारियों के अनुसार, सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक खेप (कंसाइनमेंट) की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि दाल, मसाले या अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब मिले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देकर उसे बदलवाना सुनिश्चित करें।
रोहतक DEEO ने दिए अनुपालन के निर्देश
रोहतक के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि विभाग के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों और स्कूलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





