27 अप्रैल को हुए हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तिकरण के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने महिला विधायकों के लिए एक विशेष समिति बनाने की मंजूरी दी है।
हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना
मुख्यमंत्री सैनी के अनुरोध पर सदन ने संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा द्वारा पेश किए गए सरकारी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस प्रस्ताव के बाद महिला सशक्तिकरण पर विधानसभा में महिला विधायकों के लिए विशेष समिति बनेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत इस पहल के साथ हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
9 सदस्यों की होगी कमेटी
इस महिला विधायकों की कमेटी में अध्यक्ष सहित 5 महिला सदस्य होंगी, एक साल के लिए इसका कार्यकाल होगा। मुख्यमंत्री सैनी ने समिति के गठन को मंजूरी देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कमेटी प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार महिलाओं को और मजबूत बनाने में मदद करेगी। ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य बन गया है।
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महिला विधायकों की समिति गठन से होंगे ये लाभ
- समस्याओं का जल्दी होगा निदान- महिलाओं से जुड़े मामलों को तेजी से विधानसभा में उठाया जाएगा और इसका निदान भी होगा।
- सरकारी योजनाओं की होगी बेहतर तरीके से निगरानी- सरकार की ओर से चल रही महिलाओं के लिए योजनाओं की समीक्षा होगी और उनका लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा।
- महिलाओं के मुद्दों पर दिया जाएगा सीधा ध्यान- महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खास तौर पर काम होगा।
- महिला सशक्तिकरण को नई दिशा– समिति नए सुझाव और नीतियां तैयार कर सकती है। जिससे महिलाओं की स्थिति मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
- नीति बनाने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी- समिति में ज्यादा महिला सदस्य होने से महिलाओं की आवाज सीधे नीति निर्माण तक पहुंचेगी।
हाइलाइट्स
- हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा फैसला
- महिला विधायकों के लिए विशेष समिति बनाने को मंजूरी
- मुख्यमंत्री नायब सैनी की पहल पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
- हरियाणा ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
- 9 सदस्यों की कमेटी, अध्यक्ष सहित 5 महिला सदस्य शामिल
- समिति का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित
- महिलाओं से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान संभव
- सरकारी योजनाओं की बेहतर निगरानी और सही लाभार्थियों तक पहुंच
- महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
- नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी
- महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई दिशा






