बंधुआ मजदूरी के शिकार नाबालिग को बड़ी राहत, हरियाणा सरकार ने मंजूर किया 10 लाख का मुआवजा

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 Haryana Government Give Rs 10-lakh compensation to a Bihar teenager who lost his arm during: एक दर्दनाक मामले में सरकार ने बंधुआ मजदूरी का शिकार हुए एक किशोर को हरियाणा सरकार ने 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है। किशोर ने डेयरी फार्म में जबरन काम कराने के दौरान अपना एक हाथ गंवा दिया था। यह मामला सामने आने के बाद मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप पर पीड़ित को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

काम की तलाश में घर से निकला था किशोर

पीड़ित किशोर बिहार के किशनगंज जिले का रहने वाला है। वह वर्ष 2025 में रोजगार की तलाश में घर से निकला था और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा पहुंचा था। कुछ समय बाद उसके पिता उसे वापस घर ले जाने आए, लेकिन यात्रा के दौरान वह स्टेशन पर अपने पिता से बिछड़ गया। इसी दौरान एक डेयरी संचालक ने उसे रोता हुआ देखा और मदद का भरोसा देकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद किशोर को डेयरी फार्म पर बंधक बनाकर रखा गया और उससे पशुओं की देखभाल और खेतों में काम कराया जाने लगा।

चारा काटने की मशीन में फंस गया हाथ

करीब दो महीने बाद चारा काटने के दौरान किशोर का बायां हाथ मशीन में फंस गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि डेयरी मालिक उसे अस्पताल ले जाने के बजाय खुद ही उसका उपचार करने लगा। घटना के बाद आरोपी ने पुलिस कार्रवाई के डर से किशोर को कुछ पैसे देकर सड़क किनारे घायल अवस्था में छोड़ दिया और फरार हो गया।

शिक्षक की मदद से बची जान

घायल किशोर की मदद एक शिक्षक ने की और उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क किया। बाद में उसे रोहतक के पीजीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी कई सर्जरी करनी पड़ी।

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मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मामला सामने आने के बाद मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और पाया कि पीड़ित को कृत्रिम हाथ लगाने और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत है। आयोग ने सरकार को मुआवजा देने का निर्देश दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने किशोर को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया। यह राशि उसके इलाज, कृत्रिम हाथ लगवाने और पुनर्वास में मदद के लिए दी गई है।

आरोपी के खिलाफ चल रहा मुकदमा

इस मामले में डेयरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ बंधुआ मजदूरी, बाल श्रम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा चल रहा है। यह मामला न केवल बंधुआ मजदूरी की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय पर हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय और सहायता मिल सकती है।

 

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