चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के अभियान को नई दिशा देते हुए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के दूसरे चरण के तहत ‘सूरमा’ अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत ऐसे युवाओं को सम्मानित किया गया, जो पिछले दो वर्षों से नशामुक्त जीवन जी रहे हैं। इन्हें विशेष ‘सूरमा’ अंगूठी और टी-शर्ट देकर सम्मानित किया गया और अब इन्हें ‘एम्बेसडर ऑफ रिकवरी’ के रूप में समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार की नशा विरोधी नीति केवल तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों का इलाज, पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक जीवन देना भी इसका अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो युवा नशे की दलदल से बाहर निकल चुके हैं, वे अब समाज के लिए उम्मीद की नई किरण बनेंगे।
अपने अनुभव से युवाओं को देंगे नई राह
सरकार इन युवाओं को नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान से जोड़ेगी, ताकि वे अपने अनुभवों के आधार पर दूसरे युवाओं को नशे से दूर रहने और नई जिंदगी शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
3,100 गांवों में खेल मैदान, 3,000 गांवों में बनेंगे आधुनिक जिम
भगवंत मान ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल हैं। इसी सोच के तहत राज्य के लगभग 3,100 गांवों में खेल मैदान और 3,000 गांवों में आधुनिक जिम 15 जुलाई तक स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की ऊर्जा को खेल, फिटनेस और सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ना चाहती है, ताकि नशे के खिलाफ सामाजिक आंदोलन को और मजबूत किया जा सके।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और रोजगार जैसे क्षेत्रों में एक साथ काम कर रही है। सरकारी स्कूलों में सुधार के कारण राज्य शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत लाखों परिवार मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं और अब तक करोड़ों रुपये का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा बल (SSF) के गठन से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है और हजारों लोगों की जान बचाई जा सकी है।
नशा छोड़ चुके लोग व्हाट्सएप पर कर सकते हैं आवेदन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जो व्यक्ति नशामुक्ति उपचार पूरा कर चुके हैं और पिछले दो वर्षों से नशे से दूर हैं, वे व्हाट्सएप नंबर 9779142200 पर “Soorma” संदेश भेजकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें राज्य को नशामुक्त बनाने के मिशन का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।
‘सूरमा’ सिर्फ सम्मान नहीं, सामाजिक बदलाव का अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सूरमा’ केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक नया सामाजिक आंदोलन है। जो युवा कभी नशे की चपेट में थे, वे अब समाज में बदलाव के वाहक बनेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की सख्त कार्रवाई, प्रभावी पुनर्वास नीति और समाज के सहयोग से नशे के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक सफलता मिलेगी। साथ ही उन्होंने युवाओं से ‘सूरमा’ बनकर समृद्ध और खुशहाल ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।






