हरियाणा को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने बड़ा कदम उठाया है। सैनी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2026-27 के अंत तक हरियाणा से गंभीर कुपोषण को समाप्त कर दिया जाए। पोषण अभियान के अंतर्गत वित्तीय सहायता और कवरेज को बढ़ाते हुए लाखों जरूरतमंदों तक सहायता बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं जिससे प्रदेश में पोषण संबंधी प्रयास बढ़े।
गंभीर कुपोषण के मामलों में गिरावट दर्ज
बैठक के दौरान 2025-26 की उपलब्धियों पर समीक्षा की गई। पूरे प्रदेश में तकरीबन 9.92 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि विकास निगरानी कवरेज 99 प्रतिशत से ज्यादा रहा। निरंतर जारी प्रयासों और लक्ष्यों के फलस्वरूप प्रदेश में गंभीर कुपोषण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।
महिला पंचों और सरपंचों को परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में शामिल
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज संपन्न हुई राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस कमेटी की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्थायी सुधार के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डेटा आधारित निगरानी और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर जोर दिया। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पहलों के क्रियान्वयन में स्थानीय पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम सभा की बैठकों के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने महिला पंचों और सरपंचों को परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में शामिल करने पर भी जोर दिया, ताकि समुदाय की भागीदारी बढ़े और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए। मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पोषण वाटिकाओं के विकास तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर मासिक योग दिवस आयोजित करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही बागवानी विभाग को फलों और मौसमी सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि पोषण सुधार के प्रयासों को मजबूती मिल सके।
लाखों महिलाओं को दैनिक पोषण सहायता प्रदान
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग अब तकनीक का सहारा लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहा है। ‘पोषण ट्रैकर’ और ‘फेस रिकग्निशन प्रणाली’ के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पोषण सहायता सही हाथों में पहुंचे। वर्तमान में प्रदेश के करीब 15,900 आंगनवाड़ी केंद्रों का विद्युतीकरण हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, इस समय लगभग 9.46 लाख बच्चों और 2.56 लाख गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दैनिक पोषण सहायता दी जा रही है।
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योग से मिलेगा सुपर पोषण
इस बैठक में केवल पोषण पर नहीं बल्कि एक अच्छी जीवनशैली पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के साथ तालमेल बिठाकर आंगनवाड़ी केंद्रों पर मासिक ‘योग दिवस’ आयोजित करने और वहां ‘पोषण वाटिकाएं’ विकसित करने के निर्देश दिए हैं। खून की कमी से होने वाली बीमारी एनीमिया से निपटने के लिए बच्चों और महिलाओं को आयरन एवं फॉलिक एसिड की खुराक देने की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाएगा।
हाईलाइट्स:
- नायाब सिंह सैनी का लक्ष्य: 2026-27 तक हरियाणा को कुपोषण मुक्त बनाना
- पोषण अभियान के तहत कवरेज बढ़ाकर लाखों जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की योजना
- मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ रुपये आवंटित
- 9.92 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग, 99% से अधिक निगरानी कवरेज
- प्रदेश में गंभीर कुपोषण के मामलों में दर्ज हुई गिरावट
- महिला पंचों और सरपंचों को जागरूकता अभियान में प्रमुख भूमिका
- ‘पोषण ट्रैकर’ और फेस रिकग्निशन से पारदर्शिता सुनिश्चित
- 15,900 आंगनवाड़ी केंद्रों का विद्युतीकरण पूरा
- 9.46 लाख बच्चों और 2.56 लाख महिलाओं को मिल रही दैनिक पोषण सहायता
- योग दिवस और ‘पोषण वाटिकाओं’ के जरिए स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
- एनीमिया से निपटने के लिए आयरन और फॉलिक एसिड वितरण को मजबूत करने की तैयारी






