Ayushman Scheme: आयुष्मान योजना के जरिए इलाज करवाने वाले मरीजों को बड़ा झटका लगने वाला है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अब आयुष्मान योजना को जारी रखने की परिस्थिति में नहीं है। आईएमए की तरफ से आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को भेजे गए पत्र में कई गंभीर खामियों के साथ लंबित मुद्दों को सामने रखा गया है।
सितंबर 2025 से करोड़ों रूपये के बिल लंबित
निजी अस्पतालों का कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत 15 दिनों के भीतर ही बिल चुकाने का प्रावधान है लेकिन सितंबर 2025 से ही करोड़ों रूपये के बिल लंबित पड़े हैं। इस देरी की वजह से निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में सेवाएं लगातार जारी रखना मुश्किल हो गया है।
20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान योजनाएं पूरी तरह से बंद
7 अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में हरियाणा के तमाम निजी अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। आईएमए ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जायेंगी।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ा असर
यदि प्रदेश में निजी अस्पतालों की ओर से आयुष्मान योजना के अंतर्गत होने वाले इलाज को बंद कर दिया गया तो इसका असर 1 लाख से अधिक गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा। जो इस योजना के तहत मुफ्त इलाज पर निर्भर है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द समाधान निकालने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें- हरियाणा में घर खरीदना हुआ और भी महंगा, अफोर्डेबल फ्लैटों की कीमत में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी
हाईलाइट्स:
- Indian Medical Association हरियाणा ने आयुष्मान योजना पर जताई असमर्थता
- आयुष्मान योजना में भुगतान में देरी को लेकर निजी अस्पताल नाराज
- सितंबर 2025 से करोड़ों रुपये के बिल लंबित, अस्पतालों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
- 7 अप्रैल की बैठक में निजी अस्पतालों ने सेवाएं बंद करने का लिया फैसला
- 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं बंद होने की चेतावनी
- 1 लाख से अधिक गरीब मरीजों पर पड़ सकता है सीधा असर
- मुफ्त इलाज पर निर्भर जरूरतमंदों के सामने खड़ा होगा बड़ा संकट
- सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग






