इन दिनों उतर भारत में बेमौसम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस खराब मौसम से हरियाणा भी अछूता नहीं रहा है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण एक बड़े पैमाने पर फसलों के खराब होने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान से भरपाई उभरने के लिए मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि बारिश के कारण नुकसान होने वाली फसलों का मुआवजा जल्द ही किसानों को दिया जाएगा।
ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया
ओलावृष्टि और बारिश के कारण हरियाणा के कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलों के नुकसान के मुआवजे के लिए किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की। इस मांग पर मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने बताया कि सिरसा, हिसार और फतेहाबाद के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है और कुरुक्षेत्र के लिए भी पोर्टल जल्द एक्टिव हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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मंडियों में 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवाक पहुंची
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में अब तक 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जिसमें से 3.92 लाख मीट्रिक टन का उठान भी हो गया है। सरसों की खरीद 1646 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अब तक करीब 13.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
हाईलाइट्स
- उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, हरियाणा भी प्रभावित
- किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए CM नायब सिंह सैनी का बड़ा ऐलान
- बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का मुआवजा जल्द देने का भरोसा
- किसानों की मांग पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम
- सिरसा, हिसार और फतेहाबाद जिलों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया
- कुरुक्षेत्र के लिए भी पोर्टल जल्द एक्टिव किया जाएगा
- किसानों को नुकसान की भरपाई का आश्वासन
- हरियाणा की मंडियों में 17.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज
- 3.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है
- सरसों की खरीद 1646 मीट्रिक टन तक पहुंची
- किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 13.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया






