स्मार्ट एजुकेशन की दिशा में हरियाणा सरकार की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। रोहतक सहित पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘निपुण पहचान पत्र’ योजना लागू होने वाली है।
शिक्षा विभाग के द्वारा उठाया गया यह कदम ना केवल बच्चों को एक विशिष्ट पहचान देगा बल्कि प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर आधुनिक संसाधनों से लैस भी करेगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसे लर्निंग और टेक्नोलॉजी के संगम से तैयार किया गया है। इसके द्वारा ग्रामीण इलाकों के अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हो सकेंगे।
क्यूआर कोड में छिपी है असली ताकत
पहली बार में आप देखेंगे तो आपको ये कार्ड पहचान पत्र के जैसा देखने में लगेगा। इसमें बच्चे का नाम, जन्मतिथि, कक्षा, रोल नंबर, माता-पिता का नाम और स्कूल का नाम दर्ज होगा लेकिन असली ताकत इसके पीछे छपे हुए क्यूआर कोड में है।
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इस क्यूआर कोड का स्कैन करते ही अभिभावक उस क्लास के वीडियो लेसन और ई-कंटेंट तक पहुंच जाएंगे। यदि बच्चा स्कूल में कुछ समझ नहीं पाया, तो घर पर माता-पिता मोबाइल के जरिए उस विषय को आसानी से दोहरा पायेंगे।
बच्चों की क्लास में अनुपस्थिति होगी कम
आमतौर पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता की यही शिकायत रहती है कि उन्हें पाठ्यक्रम की सही जानकारी नहीं मिलती है। लेकिन अब इस डिजिटल निपुण पहचान पत्र के माध्यम से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उसका ‘SRN नंबर’ और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट हमेशा उसके साथ रहेगा। शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से क्लास में बच्चों की अनुपस्थिति कम होगी और बच्चों में स्कूल आने के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
हाइलाइट्स:
- हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लागू होगी निपुण पहचान पत्र योजना
- छात्रों को मिलेगा एक यूनिक डिजिटल पहचान पत्र
- कार्ड पर होगा QR कोड, जिससे मिलेंगे वीडियो लेसन और ई-कंटेंट
- अभिभावक घर बैठे मोबाइल से बच्चों की पढ़ाई कर पाएंगे मॉनिटर
- ग्रामीण क्षेत्रों के माता-पिता भी पढ़ाई में होंगे सक्रिय रूप से शामिल
- कार्ड में छात्र की पूरी जानकारी: नाम, कक्षा, रोल नंबर, माता-पिता का नाम
- SRN नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट भी रहेगा उपलब्ध
- प्राइवेट स्कूलों की तरह आधुनिक और स्मार्ट शिक्षा की ओर कदम
- योजना से बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद
- पढ़ाई में सुधार और टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग पर जोर





