हरियाणा सरकार बेटियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रदेश सरकार ने साल 2016 में बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए ‘लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता’ योजना की शुरूआत की। इसका उद्देश्य कन्या हत्या, लिंगानुपात में बराबरी और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है। ये योजना वैसे परिवारों के लिए जिनके घर में केवल बेटियां ही हैं। सरकार का संदेश साफ है कि बेटियां घर का बोझ नहीं बल्कि परिवार का गौरव है। इस योजना के माध्यम से उन परिवारों को सम्मानित किया जाता है जो आर्थिक रूप से सशक्त नहीं हैं और जिनके परिवार में कोई बेटा नहीं है।
लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का किसे मिलता है लाभ
लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनके घर में केवल बेटियां ही हैं और कोई बेटा नहीं है। साथ ही माता-पिता में किसकी की भी आयु 45 वर्ष से लेकर 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना का लाभ 60 वर्ष की आयु तक ही मिलता है। इस योजना के तहत मिलने वाली राशि बच्चों की मां के बैंक खाते में जमा हो जाती है। यदि मां जीवित नहीं है तो फिर पिता के बैंक खाते में सरकार के द्वारा राशि भेजी जाती है। 60 वर्ष की आयु पूरी हो जाने पर इस भत्ते को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (वृद्धा पेंशन) में परिवर्तित कर दिया जाता है। आपको बता दें कि इस योजना के तहत हर महीने परिवार को 3 हजार रूपये मासिक पेंशन के रुप में सरकार की ओर से दिए जाते हैं।
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कैसे कर सकते हैं आवेदन
लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण जैसे सरकारी दस्तावेज होने जरूरी हैं। इच्छुक परिवार अपने निकटम अटल सेवा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते है। हरियाणा की अधिकारिक वेबसाइट socialjusticehry.gov.in पर जाकर saralharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
हाइलाइट्स:
- हरियाणा सरकार ने 2016 में शुरू की लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना
- उद्देश्य: कन्या भ्रूण हत्या रोकना और लिंगानुपात में सुधार करना
- केवल उन परिवारों को लाभ, जिनमें सिर्फ बेटियां हैं, बेटा नहीं
- माता-पिता की आयु 45 से 60 वर्ष के बीच होना जरूरी
- परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए
- योजना की राशि मां के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होती है
- मां न होने पर राशि पिता के खाते में भेजी जाती है
- 60 वर्ष के बाद यह भत्ता बुढ़ापा पेंशन में बदल जाता है
- आवेदन के लिए आधार कार्ड, PPP और बैंक डिटेल जरूरी
- अटल सेवा केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए कर सकते हैं आवेदन





