हरियाणा की अनाज मंडियों में फसलों की बिक्री को लेकर सरकार के द्वारा बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया गया है। लेकिन आए दिन इस सिस्टम में गड़बड़ी हो रही है जिससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार (20 अप्रैल) को करनाल सहित कई अनाज मंडियों में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालयों के गेट को बंद कर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि सरकार के द्वारा बनाई गई नई खरीद प्रणाली ने उनकी समस्याओं को बढ़ा दिया है और उनकी मांग है कि पुरानी प्रणाली को ही फिर से बहाल किया जाए।
बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-गेट पास जैसी प्रक्रियाएं बनी बड़ी परेशानी
करनाल, निसिंग और आसपास की मंडियों में मार्केट कमेटी कार्यालयों और सरकारी खरीद केंद्रों पर ताला बंद कर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध कर रहे किसानों ने कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-गेट पास जैसी प्रक्रियाओं ने उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है। पहले बिना किसी जटिल परेशानियों को फसलें आसानी से बिक जाती थी।
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गेहूं की सरकारी खरीद में देरी से नाराज हुए किसान
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद में देरी, ई-गेट पास जारी होने में दिक्कतें, नमी के नाम पर कटौती और खरीदी गई फसल का समय पर उठाव ना होना उनके लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। इन कारणों से मंडियों में जगह की कमी हो रही है और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही किसानों ने आरोप लगाया की गेहूं की फसल का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। मंडियों में अन्य राज्यों से सस्ती गेहूं लाकर बेचे जाने और गेट पास जारी होने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए।
किसान संगठन मिलकर करेंगे बड़ा आंदोलन
किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि समय रहते सरकार के द्वारा उनकी मांग नहीं सुनी जाती है तो फसल कटाई के बाद किसान संगठन मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। किसानों के हित के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
हाइलाइट्स:
- हरियाणा की मंडियों में लागू बायोमेट्रिक सिस्टम से किसान परेशान
- करनाल सहित कई मंडियों में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया
- मार्केट कमेटी कार्यालयों के गेट बंद कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
- किसानों की मांग: पुरानी खरीद प्रणाली बहाल की जाए
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ई-गेट पास बनी बड़ी समस्या
- गेहूं की सरकारी खरीद में देरी से बढ़ी नाराजगी
- नमी के नाम पर कटौती और फसल उठाव में देरी
- मंडियों में जगह की कमी, किसानों को हो रहा नुकसान
- समय पर भुगतान न मिलने का भी किसानों ने लगाया आरोप
- मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी





