हरियाणा सरकार ने जारी किए निर्देश, पैरोल और फरलो से वापस लौटने वाले कैदियों की मेडिकल जांच जरूरी

SHARE:

हरियाणा सरकार ने कैदियों को लेकर नए निर्देश जारी कर दिए हैं। नए निर्देश के मुताबिक किसी भी कैदी के जेल में प्रवेश करने या फिर पैरोल और फरलो से वापस लौटे कैदियों की मेडिकल जांच 24 घंटे के भीतर जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस हिरासत से वापस लौटने, अस्पातल में भर्ती होकर लौटने और दूसरी जेलों से ट्रांसफर होकर आने वाले कैदियों का भी मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है।

शरीर के सभी अंगों की होगी जांच

नए नियमों के  मुताबिक मेडिकल जांच के दौरान शरीर के सभी अंगों की जांच की जाएगी। नए एसओपी के अंतर्गत नशे के सेवन या फिर नशे की लत की जांच, खून और यूरिन टेस्ट (पेशाब जांच), आवश्यकतानुसार छाती का एक्स-रे और तपेदिक (टीबी) की जांच जैसे व्यापक परीक्षण अनिवार्य किए गए हैं। सभी कैदियों की मेडिकल जांच की रिपोर्ट ई-जेल स्वास्थ्य माड्यूल के माध्यम से कैदी के पर्सनल मेडिकल रिकार्ड में दर्ज किए जायेंगे।

नई व्यवस्था के अंतर्गत जेल में आने वाले तमाम नए कैदियों के लिए हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और एचआइवी जैसी प्रमुख संक्रामक बीमारियों की अनिवार्य लैब जांच होगी। जिन मामलों की पुष्टि होगी, उन्हें आगे के इलाज और निगरानी के लिए विशेष उपचार केंद्रों में रेफर किया जायेगा।

हरियाणा के जेल विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने बताया कि इससे पहले नए कैदियों के प्रवेश के वक्त कुछ चिकित्सा परीक्षण अनियमित रूप से किए जाते थे, लेकिन अब प्रक्रिया को व्यवस्थित और अनिवार्य कर दिया गया है। इससे न केवल उपचार की दिशा तय करना आसान होगा, बल्कि ऐसे कैदियों की पहचान भी समय पर हो सकेगी जिन्हें स्वास्थ्य कारणों से अलग रखने की आवश्यकता है।

20 जिलों में 512 कैदी एचआइवी से संक्रमित

सरकारी आंकडों के अनुसार, प्रदेश की 20 जिलों में 512 कैदी एचआइवी संक्रमित हैं। 83 कैदी टीबी से पीडि़त हैं। 352 कैदी नशीले पदार्थ के सेवन के आदी मिल चुके हैं, वहीं 1263 कैदियों का अब तक नशामुक्ति उपचार किया जा चुका है।

ये भी पढ़ें- हरियाणा निकाय चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू

सरकार के द्वारा जारी नई पहल का उद्देश्य संक्रामक रोगों, पुरानी बीमारियों, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और मादक द्रव्यों के सेवन जैसी स्थितियों से निपटने का पहला चरण है ताकि वक्त पर कैदियों उचित उपचार मिल सके।

हाइलाइट्स:

  • हरियाणा सरकार ने कैदियों के लिए नई मेडिकल जांच SOP लागू की
  • जेल में प्रवेश या पैरोल-फरलो से लौटने पर 24 घंटे में जांच अनिवार्य
  • पुलिस हिरासत, अस्पताल या दूसरी जेल से लौटने वालों की भी जांच जरूरी
  • मेडिकल में शरीर के सभी अंगों की विस्तृत जांच होगी
  • ब्लड, यूरिन टेस्ट, एक्स-रे और टीबी जांच शामिल
  • नशे की लत और सेवन की भी होगी पहचान
  • सभी रिपोर्ट ई-जेल हेल्थ मॉड्यूल में दर्ज की जाएंगी
  • एचआईवी, हेपेटाइटिस B-C जैसी बीमारियों की अनिवार्य जांच
  • संक्रमित कैदियों को विशेष उपचार केंद्रों में रेफर किया जाएगा
  • प्रदेश में 512 कैदी HIV, 83 टीबी और 352 नशे के आदी पाए गए
  • नई व्यवस्था का उद्देश्य समय पर इलाज और संक्रमण नियंत्रण सुनिश्चित करना
vandana
Author: vandana

Join us on:

Leave a Comment