हिसार: हरियाणा के हिसार जिले में भाखड़ा जलापूर्ति पाइपलाइन को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 31 किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई चेनाट गांव में चल रहे जलापूर्ति विवाद के दौरान हुए प्रदर्शन के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, हांसी शहर को पानी उपलब्ध कराने वाली भाखड़ा पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। मामले में हांसी पुलिस ने लोक स्वास्थ्य विभाग (पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट) की एसडीओ शीला देवी की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है।
हथौड़े और सरिए लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
हांसी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर किसान कार्यकर्ताओं का एक समूह पाइपलाइन स्थल पर पहुंचा। उनके पास हथौड़े और लोहे के सरिए थे। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पाइपलाइन को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने बड़े पाइप हांसी-बरवाला मार्ग पर रखकर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
प्रशासन की अपील के बावजूद किया प्रदर्शन
अपनी शिकायत में एसडीओ शीला देवी ने बताया कि चेनाट गांव में जलापूर्ति से जुड़े मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार सड़क जाम नहीं करने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नारेबाजी की और सड़क अवरुद्ध कर दी।
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पाइपलाइन उखाड़ने की भी कोशिश का आरोप
प्रशासन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने खरकड़ी मोड़ के पास लोक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को उखाड़ने का भी प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में 31 किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जलापूर्ति विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन
बताया जा रहा है कि चेनाट गांव में जलापूर्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है।






