Punjab Mawan Dhian Di Hatti Yojana: पंजाब सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही ‘मावां-धियां दी हट्टी’ योजना (Mawan Dhian Di Hatti Yojana) शुरू करेगी। एक जुलाई से ‘मावां-धियां सतिकार योजना’ लागू करने के बाद अब सरकार इस नई योजना पर तेजी से काम कर रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुफ्त व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराना है।
जानकारी के अनुसार, इस योजना का प्रारंभिक खाका अप्रैल 2026 में तैयार किया गया था। अब सरकार ने राज्य के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ‘मावां-धियां दी हट्टी’ (Mawan Dhian Di Hatti) के नाम से कमर्शियल बूथ खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने इसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश शुरू कर दी है। जिन ब्लॉकों में पहले से दुकानें बनी हुई हैं, उन्हें ‘मावां-धियां दी हट्टी’ के नाम से संचालित किया जाएगा।
बिना किराए मिलेगी दुकान
इस योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए व्यावसायिक दुकान उपलब्ध कराई जाएगी। सबसे खास बात यह है कि इन दुकानों के लिए महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और अपना कारोबार शुरू कर सकेंगी।
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पहले हर ब्लॉक, फिर हर गांव तक पहुंचेगी योजना
योजना के पहले चरण में राज्य के हर ब्लॉक में एक ‘मावां-धियां दी हट्टी’ स्थापित की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में इस योजना का विस्तार करते हुए हर गांव में ऐसी हट्टी खोलने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिल सके।
एक दुकान पर आएगा करीब 7 लाख रुपये का खर्च
सरकारी अनुमान के अनुसार, एक कमर्शियल दुकान के निर्माण पर करीब 7 लाख रुपये की लागत आएगी। जरूरत के अनुसार नई दुकानें बनाई जाएंगी, जबकि जहां पहले से भवन उपलब्ध हैं, वहां उनका उपयोग इस योजना के तहत किया जाएगा। पंजाब सरकार का कहना है कि ‘मावां-धियां दी हट्टी’ योजना का उद्देश्य केवल दुकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।






