Global Knowledge Economy Hub: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को विश्वस्तरीय नॉलेज इकोनॉमी हब के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य की शिक्षा प्रणाली को ‘री-डिजाइन, री-इमैजिन और री-इन्वेस्ट’ के सिद्धांत पर नया स्वरूप दिया जा रहा है।
रविवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST), हिसार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में व्यापक सुधार लागू किए गए हैं।
7.58 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में 7.58 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें शामिल हैं। 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास। 1.40 करोड़ रुपये से बने नर्सिंग विभाग भवन का उद्घाटन। 18 लाख रुपये की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प और माता अमृता देवी सर्किल का उद्घाटन। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि नर्सिंग ब्लॉक का नाम पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नाम पर रखा जाएगा।
रिसर्च को मिलेगा और बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर के शिक्षकों और छात्रों से 350 से अधिक रिसर्च प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 90 प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि चालू वित्त वर्ष में भी रिसर्च फंड के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
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स्किल डेवलपमेंट पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत-
- स्कूलों में नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) लागू किया गया है।
- कॉलेजों में पहल (PAHAL) योजना संचालित की जा रही है।
- विश्वविद्यालयों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।
- तकनीकी संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण के लिए कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत अब तक 1.56 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
‘डिग्री ही नहीं, संस्कार और संवेदनशीलता भी जरूरी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसा समाज तैयार करना है जो नैतिक, संवेदनशील, तकनीकी रूप से सक्षम, अपनी संस्कृति से जुड़ा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित हो। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक सावित्री जिंदल, रणधीर पनिहार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






