Haryana bans glorification of gangsters: हरियाणा में गैंगस्टरों के महिमामंडन (ग्लोरिफिकेशन) पर अब सख्ती से रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी के हर्षवर्धन ऑडिटोरियम में आयोजित ‘नशा मुक्त हरियाणा संवाद कार्यक्रम’ के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के अधिकारियों ने सोशल मीडिया और मीडिया में गैंगस्टरों के बढ़ते महिमामंडन पर चिंता जताई। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एडवाइजरी जारी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
युवाओं पर पड़ रहा है गलत असर
कार्यक्रम के दौरान तीन वर्षों से STF में कार्यरत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अगस्त 2025 में हरियाणा विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मीडिया से गैंगस्टरों का महिमामंडन न करने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में यह प्रवृत्ति जारी है।
अधिकारियों ने कहा कि गैंगस्टरों और हथियार संस्कृति का प्रचार-प्रसार युवाओं पर सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। कई युवा अपराधियों को अपना आदर्श मानने लगते हैं और उनकी जीवनशैली से प्रभावित होकर अपराध की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग (DIPRO) मीडिया संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर इस पर प्रभावी रोक लगाए।
CM ने एडवाइजरी और कार्रवाई के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस विषय पर विधानसभा में पहले भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने हरियाणा पुलिस को निर्देश दिए कि सभी मीडिया संस्थानों को पहले से एडवाइजरी जारी कर जागरूक किया जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि गैंगस्टरों का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया संचालकों की बैठक बुलाकर उन्हें संबंधित कानूनों और नियमों की जानकारी दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि कानून बनाना जरूरी है, लेकिन उससे पहले लोगों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
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पुलिस विभाग के लिए कई बड़ी घोषणाएं
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की मांगों पर कई अहम घोषणाएं भी कीं-
- जांच कार्यों के लिए मिलने वाली राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, ताकि जांच अधिकारियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
- NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए अलग पुरस्कार नीति बनाई जाएगी।
- डुअल पर्पज दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।
- ग्रुप-डी कर्मचारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष पोर्टल तैयार किया जाएगा।
- पुलिस लाइनों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की योजना बनाई जाएगी।
- राज्य के प्रत्येक जिले में आधुनिक नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इन कदमों से न केवल अपराध और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर रखने में भी मदद मिलेगी।





