2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से, 5-15 साल के बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानें: PM मोदी

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Start preps for 2036 Olympics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्य से 2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक पर फोकस

जींद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी प्रयासरत है। ऐसे में अभी से युवा खिलाड़ियों को तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक को देश में लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए हमें आज से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारना होगा।”

हरियाणा के खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मान

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और मजबूत खेल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि खेल अब केवल फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का भी बड़ा अवसर बनते जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से बढ़ेगा खेल सहयोग

प्रधानमंत्री ने अपनी हालिया ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ खेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इससे भारतीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। इसका लाभ हरियाणा के खिलाड़ियों को भी मिलेगा।

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जींदवासियों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील

प्रधानमंत्री ने जींद में अपनी यात्रा से पहले चलाए गए ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर सिर्फ किसी वीआईपी के आने पर ही साफ नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “संकल्प लें कि जींद हर दिन स्वच्छ रहेगा, चाहे मोदी आएं या नहीं। स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

जींद से जुड़ी पुरानी यादें भी कीं साझा

प्रधानमंत्री ने जींद के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्हें यहां का मुर्रा भैंस का दूध, दही, घी, बूरा और घेवर आज भी याद है। उन्होंने कहा कि “जींद का घी और घेवर नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर जरूर बदल गए हैं।” पीएम ने जींद को इतिहास, वीरता और आस्था की भूमि बताते हुए लोगों के स्नेह और अपनापन के लिए उनका आभार भी जताया।

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