हरियाणा के सरकारी स्कूलों में AI और FinTech की होगी पढ़ाई, भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार होंगे छात्र

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AI and FinTech to be taught in Haryana’s government schools: हरियाणा सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (FinTech) जैसे उभरते विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप कौशल प्रदान कर भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है। यह फैसला शनिवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

306 नए स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बताया कि पहले चरण में राज्य के 306 अतिरिक्त सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। इसके बाद वर्ष 2026-27 तक माध्यमिक स्तर के लगभग 60 प्रतिशत छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य भविष्य में सभी सरकारी माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों तक इस व्यवस्था का विस्तार करना है।

AI और FinTech के साथ 15 व्यावसायिक सेक्टर

विभाग के अनुसार, मौजूदा 15 व्यावसायिक सेक्टरों के साथ AI और FinTech जैसे नए विषय भी शामिल किए जाएंगे। इससे छात्रों को नई तकनीकों की शुरुआती जानकारी मिलेगी और भविष्य के रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

लाखों छात्र पहले से ले रहे कौशल आधारित शिक्षा

वर्ष 2025-26 के दौरान कक्षा 6 से 8 तक के 1.58 लाख छात्रों को 1,382 सरकारी स्कूलों में कार्यशालाओं, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और कौशल मेलों के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा का अनुभव दिया गया। वहीं, माध्यमिक स्तर पर 1,398 सरकारी स्कूलों में 2.13 लाख छात्र व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 45 प्रतिशत छात्रों ने स्किल आधारित पाठ्यक्रम चुने हैं।

सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा भी शुरू होगी

राज्य परियोजना निदेशक स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि हरियाणा सरकार बहुभाषी शिक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। फिलहाल 26 सरकारी स्कूलों में करीब 4,000 छात्र फ्रेंच भाषा सीख रहे हैं। अगले चरण में सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा भी शुरू करने की योजना है।

ADCs करेंगे स्कूलों की निगरानी

सरकार ने प्रत्येक जिले में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) को सरकारी स्कूलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। वे स्कूलों के बुनियादी ढांचे, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छता, शिक्षण गुणवत्ता, उपस्थिति, अनुशासन और निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे।

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नामांकन में राष्ट्रीय औसत से आगे हरियाणा

UDISE 2025-26 के अनुसार, हरियाणा का माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (GER) 94 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 81.5 प्रतिशत है। वहीं, उच्च माध्यमिक स्तर पर राज्य का GER 79 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 61.7 प्रतिशत है।

ड्रॉपआउट छात्रों की होगी वापसी

सरकार ने 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 2,000 स्कूल छोड़ चुके छात्रों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बोर्ड परीक्षा शुल्क और स्टेशनरी के लिए 40 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

99% सरकारी स्कूलों में डिजिटल सुविधाएं

बैठक में बताया गया कि हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में 100 प्रतिशत बिजली, सुरक्षित पेयजल और अलग-अलग शौचालय उपलब्ध हैं। वहीं, करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ICT लैब, इंटरनेट और STEM सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। साथ ही, 1.1 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम और SACH (School Accreditation Haryana) Portal भी शुरू किया जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और शैक्षणिक निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

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