सर्दियों से पहले प्रदूषण पर सख्ती, हरियाणा सरकार को केंद्र ने दिए बड़े निर्देश

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Bhupender Yadav meets Haryana CM: केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई व्यापक समीक्षा बैठक में सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मिशन मोड में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध कार्रवाई और सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्दियों के शुरू होने से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दिखाई दे।

सड़क की धूल और सफाई पर विशेष जोर

बैठक में सड़क से उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए मानसून के दौरान सड़कों के किनारे स्थानीय प्रजातियों के पौधे और घास लगाने, गड्ढों की पहचान कर उनकी मरम्मत, फुटपाथ निर्माण, सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने और सड़कों की नियमित गहरी सफाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सितंबर तक सभी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती पूरी करने और उनकी जियो-टैगिंग करने का सुझाव दिया, ताकि सड़क सफाई की रियल-टाइम निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र की नगर निगमों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने मौजूदा बेड़े में कमी का उल्लेख करते हुए ई-बसों की तैनाती में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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पुराने वाहनों और ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान पर फोकस

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (EoL) वाहनों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भूपेंद्र यादव ने पात्र पुराने वाहनों को एनसीआर से बाहर स्थानांतरित करने के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया तेज करने और अनुपयोगी वाहनों की वैज्ञानिक स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का भी सुझाव दिया, ताकि ‘No PUCC, No Fuel’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

कचरा और पराली जलाने पर बनेगी विशेष टीम

नगर निगम के ठोस कचरे (MSW) और बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए भूपेंद्र यादव ने विशेष टास्क फोर्स बनाने, शत-प्रतिशत कचरा और बायोमास संग्रह सुनिश्चित करने तथा खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

पराली जलाने पर ग्राम पंचायतों की भी होगी जिम्मेदारी

पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उन्होंने क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने, कस्टम हायरिंग सेंटर जल्द स्थापित करने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट की पहचान करने की जिम्मेदारी देने पर जोर दिया।

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