रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मंजूर

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President Murmu Approves Ravneet Singh Bittu’s Resignation: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत की गई है।

संवैधानिक नियम के चलते देना पड़ा इस्तीफा

रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था और उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया गया। संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार, यदि कोई मंत्री संसद का सदस्य नहीं है तो वह अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। इसी संवैधानिक प्रावधान के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

सोशल मीडिया पर जताया आभार

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश, विशेषकर पंजाब की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी।

2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री

रवनीत सिंह बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनाव में लुधियाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से हार गए थे। इसके बावजूद उन्हें जून 2024 में मोदी सरकार में रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में अगस्त 2024 में वे राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बने, जिससे उनका मंत्री पद बरकरार रहा।

पंजाब में संगठन मजबूत करने पर रहेगा फोकस

बीजेपी ने फिलहाल उनके स्थान पर किसी नए मंत्री की घोषणा नहीं की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब रवनीत सिंह बिट्टू 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। माना जा रहा है कि उन्हें पंजाब बीजेपी में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

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कांग्रेस छोड़कर BJP में हुए थे शामिल

पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू मार्च 2024 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वे आनंदपुर साहिब और लुधियाना से कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने पार्टी के लोकसभा नेता और मुख्य सचेतक (व्हिप) की जिम्मेदारी भी निभाई थी।

कैबिनेट फेरबदल की अटकलों पर विराम

बिट्टू के इस्तीफे के बाद कैबिनेट फेरबदल की अटकलें भी तेज हुईं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय और बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला केवल संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। सरकार ने इसे सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया बताया है और किसी बड़े मंत्रिमंडल विस्तार से इसका संबंध नहीं जोड़ा है।

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